निखिल आडवानी निर्देशित फिल्म 'डीडे' दाउद इब्राहिम के पाकिस्तान में छिपे होने और उसके भारत लाए जाने की कहानी है। दाउद इब्राहिम को लेकर पाक द्वारा हाल ही में दिया गया बयान फिल्म के कुछ हिस्सों से हूबहू मैच करता है।
'डीडे' फिल्म में भारत की खुफिया एजेंसी से जुड़े कुछ अधिकारी दाउद इब्राहिम को जिंदा भारत लेकर आते हैं। फिर उसे भारत और पाक की सीमा पर ही मार दिया जाता है।
यह पूरी तरह से एक काल्पनिक फिल्म थी। जहां दाउद इब्राहिम का किरदार ऋषि कपूर निभाते हैं। फिल्म के कुछ हिस्से हाल ही में पाकिस्तान द्वारा दाउद इब्राहिम की स्थिति को लेकर दिए गए बयान से मैच करते हैं।
तब भारत में हुए एक धमाके के बाद पाकिस्तान साफ करता है कि उसके यहां दाउद इब्राहिम नहीं है। वह यहां से भाग चुका है। जवाब में भारत सरकार पाकिस्तान से पूंछती है कि जब पाकिस्तान हमेशा से कहता रहा है कि दाउद इब्राहिम कभी पाकिस्तान में रहा ही नहीं तो उसके यहां से भागने का सवाल कैसे पैदा होता है।
फिल्म के एक दृश्य में पाकिस्तान सेना प्रमुख दाउद इब्राहिम के घर जाकर उससे कुछ दिनों के लिए पाकिस्तान छोड़ देने और अपनी बेटे की शादी में सार्वजनिक तौर पर शरीक न होने की अपील करते हैं।
दाउद उनकी बात नहीं मानता है। फिल्म में स्थितियां ऐसी भी बनती है जब पाकिस्तान की सेना ही दाउद इब्राहिम को मारने के लिए तैयार हो जाती है। क्योंकि उस पर भारत सहित दुनिया के कई देशों का दबाव बन रहा होता है।
असल में स्थितियां उतनी फिल्मी नहीं है जितनी डीडे में दिखाई गई हैं लेकिन फिर भी फिल्म के कुछ हिस्से असल घटना से पूरी तरह से इत्तफाक रखते हैं।