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आमिर खान की फिल्म 'दंगल' ने हिंदी सिनेमा को देश की मिट्टी से जोड़ा

Sat, 17 Dec 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुंबई
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फिल्म 'दंगल' का एक दृश्य
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आमिर खान की अगले हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्म दंगल ने हिंदी सिनेमा को फिर से देश की धरती से जोड़ दिया है। ट्रेड पंडित अभी से इसे साल की सबसे बड़ी रिलीज मानकर चल रहे हैं, फिल्म की चर्चा इसके ट्रेलर को मिली रिकॉर्ड कामयाबी से और तेज हो गई है।
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फिल्म दंगल का ट्रेलर देखने वालों ने ट्रेलर व्यूज का ही एक नया रिकॉर्ड बना डाला है। लोग पूछ रहे हैं कि फिल्म में आखिर ऐसा क्या है जो आमिर खान के चाहने वालों के साथ साथ हिंदी सिनेमा के आम दर्शकों की इसमें ऐसी उत्सुकता जगा रहा है।

महावारी फोगट का इससे पहले किसी ने नाम भी शायद सुना हो। महिला पहलवानों गीता और बबिता फोगट के बारे में भी लोग बस इतना ही जानते थे कि इन लड़कियों ने कुश्ती में देश का नाम रोशन किया और महावीर इन दोनों लड़कियों के पिता और कोच हैं। दरअसल ये सिर्फ एक पहलवान पिता के अपनी बेटियों के जरिए अपने सपने पूरे करने की कहानी भर नहीं है, ये कहानी पूरे भारत के अरमानों की कहानी है।
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ट्रेलर को मिली कामयाबी ने बढ़ाई उत्सुकता

गौर से देखें तो समझ आएगा कि महावीर फोगट हरियाणा के उस बलाली क्षेत्र के रहने वाले हैं, जहां अब भी सिर्फ और सिर्फ पुरुषों का ही बोलबाला है। ऐसे इलाके में बिना किसी मशीनरी और हाई फाई ट्रेनिंग के अपनी बेटियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बना दिया।

हरियाणा और बेटियां, वैसे ही विरोधाभासी हैं, लेकिन महावीर फोगट ने न सिर्फ इस विरोधाभास को दूर किया बल्कि अपनी इच्छाशक्ति के सहारे अपनी बेटियों और पत्नी के साथ परीकथा जैसा एक उदाहरण गढ़ डाला। महावीर फोगट ने सीमित संसाधनों से जो कर दिखाया वो इतिहास है। ऐसा इतिहास जो भारत के उन तमाम गांवों में आज भी लिखा जा रहा है, जहां तक मीडिया की नजरें नहीं जातीं।

भारत के ज्यादतर गांवों की यही कहानी है जहां सीमित संसाधनों के बावजूद लोग रोज एक नई कहानी लिख रहे होते हैं। और, बात जब दंगल की कहानी की होती है तो फिल्म के निर्माता सिद्धार्थ राय कपूर और किरण राव पूरी चुप्पी साध जाते हैं। आमिर खान भी फिल्म के किरदारों के बारे में खूब बताते हैं, पर कहानी की बात चलने पर कहते हैं, ये तो आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगी।
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