फिल्म चलाने के लिए सिर्फ खान का होना जरूरी नहीं है। एक अभिनेत्री के बयान से कई नाराज हो सकते हैं।
जूही चावला का बातूनी अंदाज उनके चाहने वालों के बहुत भाता है। लेकिन कभी कभी जुबान पर कंट्रोल न रहने से ऐसी बातें निकल आती हैं कि उनका जवाब देना मुश्किल हो जाता है। इन दिनों फिल्म ‘गुलाब गैंग’ के लिए सुर्खियां बटोर रहीं जूही अचानक खामोश हो गई हैं।
असल में उनके मुंह से पिछले दिनों निकल गया कि ‘फिल्म चलाने के लिए किसे खान लोगों की जरूरत है। ’ अब इंडस्ट्री में तीन ही खानों की तूती बोलती है। शाहरुख, आमिर और सलमान।जूही तो हंसी-मजाक में यह बात कह गईं, लेकिन लोग इस बात के तरह-तरह के मतलब निकाल रहे हैं।
सब जानते हैं कि जूही ने शाहरुख और आमिर के साथ काफी काम किया है। दोनों के साथ उनके संबंध भी अच्छे हैं। हालांकि बीच में शाहरुख के साथ तनातनी की खबरें थीं। ऐसे में जूही की बात का क्या मतलब निकलना चाहिए, इस पर खूब चर्चा हो रही है।
वैसे जानकारों के अनुसार जूही ने जो कहा वह अपनी फिल्म ‘गुलाब गैंग’ के संदर्भ में कहा। निर्देशक सौमिक सेन ने पूरी तरह से महिला स्टारकास्ट वाली फिल्म बनाई है। जिसमें कोई भी पुरुष स्टार नहीं है।
इससे साबित होता है कि फिल्म बनाने के लिए आपको किसी पुरुष स्टार की सचमुच जरूरत नहीं है। सूत्रों के अनुसार, ‘जूही का कहना था कि अगर किसी फिल्म की स्क्रिप्ट अच्छी हो और उसमें माधुरी दीक्षित तथा उनके जैसी ऐक्टर हो तो फिर किसी खान की क्या जरूरत?’
उल्लेखनीय है कि यह फिल्म उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की ऐसी महिलाओं की कहानी है जो गुलाबी साड़ी पहन कर अन्याय करने वालों के खिलाफ सामूहिक जंग लड़ती हैं। फिल्म की पूरी स्टारकास्ट महिला ऐक्टरों की है। इनमें माधुरी-जूही के साथ तनिष्ठा चटर्जी, दिव्या जगदाले और प्रियंका बोस शामिल हैं।