International Film Festival of Jammu & Kashmir: जम्मू व कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल सितंबर में होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपील की है कि वह जम्मू व कश्मीर की बदली हुई तस्वीर दिखाएं।
जम्मू व कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को बॉलीवुड से अपील की कि वे हिंसा पर केंद्रित कश्मीर के अतीत के बजाय घाटी की बदलती तस्वीर दिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ फिल्ममेकर्स राजनीतिक फायदे के लिए प्रोपेगैंडा फिल्में बना रहे हैं।
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उमर अब्दुल्ला ने की शिकायत
पहले जम्मू व कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के कर्टेन-रेजर इवेंट में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा 'मेरी शिकायत यह है कि आमतौर पर जब यहां फिल्में शूट होती हैं, तो वे सिर्फ खराब हालात दिखाती हैं। जैसे हमारे शिकारे उड़ रहे हैं, हाउसबोट में धमाके हो रहे हैं, या गोलीबारी हो रही है। कश्मीर की कहानी बदल गई है और हम चाहते हैं कि लोग इस बदलती कहानी को दुनिया के सामने लाएं।'
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह
- फोटो : PTI
खराब नहीं बॉलीवुड
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग असलियत को गलत तरीके से दिखाते हैं, ताकि उनकी फिल्में ज्यादा कमाई कर सकें या केंद्र सरकार को खुश रख सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा बॉलीवुड ही खराब है।
अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि कुछ फिल्ममेकर्स ने घाटी में अपनी फिल्मों की शूटिंग तो की, मगर फिल्म में उसे किसी और जगह के तौर पर दिखाया।
अच्छी फिल्में भी बनती हैं
उन्होंने कहा कि फिल्म फेस्टिवल के जरिए सरकार लोगों को यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि प्रोपेगैंडा से हटकर बॉलीवुड में अच्छी फिल्में भी बन रही हैं। ऐसी फिल्में जिन्हें आप और मैं देखना पसंद करेंगे।
सीएम उमर अब्दुल्लाह
- फोटो : एक्स
फिल्में शूट करना हो आसान
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार को फिल्ममेकर्स के लिए जम्मू व कश्मीर में आकर फिल्में शूट करना आसान बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'शुरुआत हो चुकी है। हमें उम्मीद है कि सितंबर में होने वाला कश्मीर का यह पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल इन कोशिशों को और मजबूत करेगा।'
कश्मीरियों को फिल्मों में मिलेगा बढ़ावा
जम्मू व कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 के मौके पर फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली ने कहा, 'मैं कश्मीर के लोगों को फिल्म बनाने में हिस्सा लेने के लिए बढ़ावा दूंगा क्योंकि यह एक-दूसरे के लिए फायदेमंद रिश्ता बन सकता है। कश्मीरियों के लिए सिनेमा की समझ होना भी बहुत जरूरी है। लोग चाहते हैं कि सिनेमा में कश्मीरी किरदारों और कहानियों को दिखाया जाए और यहां लोकल सिनेमा का विकास हो।'
बड़े स्तर का सोचें
उन्होंने आगे कहा 'मैं हर तरह से मदद करने के लिए तैयार रहूंगा। मैं पूरे उत्साह के साथ ऐसा करूंगा। लेकिन मेरी आपसे एक गुजारिश भी है कि आप बड़े पैमाने पर सोचें। अगर हम रीजनल सिनेमा की बात करें, तो वह इंटरनेशनल लेवल का होना चाहिए। जब इंटरनेशनल फिल्ममेकर्स अपनी फिल्मों के साथ यहां आएंगे, तो वे कश्मीर को भी देखेंगे। वे कश्मीर की कहानियां भी सुनेंगे।'