फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ganesh Acharya: कोरियोग्राफर गणेश आचार्य पर उत्पीड़न, पीछा और ताक-झांक करने का लगा आरोप, 2020 का है मामला

Thu, 31 Mar 2022 07:20 PM IST
मेघा चौधरी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

मुंबई पुलिस ने साल 2020 में एक महिला कोरियोग्राफर की ओर से दर्ज कराए गए मामले में कोरियोग्राफर गणेश आचार्य पर दर्ज किया आरोप पत्र। इस मामले में अभी तक गणेश आचार्य ने कोई बयान नहीं दिया है।
विज्ञापन
कोरियोग्राफर गणेश आचार्य
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुंबई पुलिस ने साल 2020 में एक महिला कोरियोग्राफर की ओर से दर्ज कराए गए मामले में कोरियोग्राफर गणेश आचार्य पर उत्पीड़न, पीछा और ताक-झांक करने का आरोप लगाकर एक आरोप पत्र दायर किया है। गुरुवार को एक पुलिस अधिकारी ने इस मामले की जानकारी दी। मामले की जांच कर रहे ओशिवारा पुलिस स्टेशन के अधिकारी संदीप शिंदे ने बताया कि इस मामले में हाल ही में अंधेरी में संबंधित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की आदालत में आरोप पत्र दायर किया गया है।

विज्ञापन

 
खबरों के अनुसार कोरियोग्राफर गणेश आचार्य और उनके सहायक पर धारा 354-ए (यौन उत्पीड़न), 354-सी (दृश्यरतिकता, 345-डी (पीछा करने), 509 (महिला की विनम्रता का अपमान करना), 323 (चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), भारतीय दंड संहिता की धारा 506 (आपराधिक धमकी) और 34 (अपराध करने का सामान्य इरादा) के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं, इस मामले में गणेश आचार्य ने की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है। 

महिला कोरियोग्राफर ने साल 2020 में अपनी शिकायत में कहा था कि जब भी वह गणेश के दफ्तर में काम करने के लिए जाती थीं, तो वह उनपर गतल टिप्पणियां करने के साथ ही अश्लील वीडियो देखने के लिए कहा जाता था। कोरियोग्राफर ने उन्हें यौन उत्पीड़न को ठुकराने के बाद परेशान करना शुरू कर दिया था। जब महिला ने इनकार किया तो छह महीने बाद ही भारतीय फिल्म और टेलीविजन कोरियोग्राफर एसोसिएशन ने उनकी सदस्या समाप्त कर दी थी।
विज्ञापन


वहीं, महिला ने ये भी आरोप लगाया था कि जब उन्होंने एक मीटिंग में गणेश आचार्य का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि महिला सहायकों ने मारपीट करने के साथ ही उन्हें गालियां भी दीं, जिसके बाद ही उन्होंने पुलिस के पास जाने का फैसला लिया। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने एक वकील की मदद ली और केस दर्ज कराया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें