हाई कोर्ट ने दी बड़ी राहत
बता दें कि 48 वर्षीय अभिनेता ने हाई कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि वर्तमान में अधिकारियों द्वारा उनके पासपोर्ट को केवल एक वर्ष की अवधि के लिए नवीनीकृत (रीन्यू) किया जा रहा है, जिससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बोरकर ने संज्ञान लिया कि सजा के निलंबन की अपील के लंबित रहने के दौरान आहूजा के प्रमुख यात्रा दस्तावेज को छह से अधिक मौकों पर नवीनीकृत किया गया है। मामले में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यह भी पाया कि अभिनेता ने जमानत की शर्तो का कोई उल्लंघन नहीं किया है। पीठ ने कहा कि पासपोर्ट प्राधिकारी अपील लंबित होने के आधार पर दस साल की अवधि के लिए पासपोर्ट के नवीनीकरण की मांग करने वाले आहूजा के आवेदन को खारिज नहीं करेंगे और इसे मंजूरी दे देंगे, बशर्ते वह दस्तावेज के नवीनीकरण के लिए पात्र हों।
निचली अदालत ने ठहराया था दोषी
बता दें कि जून 2009 में अभिनेता की घरेलू सहायिका ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अभिनेता ने मुंबई में अपने घर पर उसके साथ बलात्कार किया था। 14 जून 2009 को गिरफ्तार किए गए शाइनी को मार्च 2011 में एक ट्रायल कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार के लिए सजा) के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया था और सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अपील दायर कर सजा को निलंबित करने और जमानत पर रिहा करने की मांग की थी, जिसके बाद अप्रैल 2011 में हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। शुरुआत में हाई कोर्ट ने अभिनेता से विदेश यात्रा के लिए अदालत की अनुमति लेने के लिए कहा था, लेकिन बाद में उन्हें ढील देते हुए आवश्यकतानुसार विदेश जाने की अनुमति दे दी थी। गौरतलब है कि निचली अदालत ने सबूतों के आधार पर अभिनेता को सजा सुनाई थी। हालांकि, शिकायतकर्ता मुकदमे के दौरान अपने बयान से मुकर गया था।