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'जब हम मुस्कुराते हैं तो दुश्मनों के दिल दहल जाते हैं...' जोश भर देंगे राज कुमार के ये 10 डायलॉग्स

Tue, 03 Jul 2018 04:52 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Raaj Kumar
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बॉलीवुड एक्टर राज कुमार आज हमारे बीच नहीं हैं। उन्हें गुजरे हुए 22 साल हो गए हैं। मगर उनकी फिल्में, स्टाइल और बोलने का अंदाज आज भी सिने फैन्स के दिल में जिंदा है। मामूली सी लाइन को भी इतने स्वैग से बोलते थे, सिनेमाहॉल में बैठे दर्शक सीटियां मारने लगते थे। आज भी रौब झाड़ने के लिए लोग उनके डायलॉग्स मारते हैं। 
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एक नजर उनके बोले जानदार डायलॉग्स पर...
 

bollywood flashback raaj kumar
फिल्म: बेताज बादशाह
आजकल का इश्क जन्मों का रोग नही है, वक्ती नशा है, शाम को होता है, सुबह उतर जाता है।

फिल्म: राजतिलक
आपके लिए मैं जहर को दूध की तरह पी सकता हूं, लेकिन अपने खून में आपके लिए दुश्मनी के कीड़े नहीं पाल सकता
 
फिल्म: बेताज बादशाह
जब हम मुस्कुराते हैं तो दुश्मनों के दिल दहल जाते हैं

फिल्म: वक्त 
ये बच्चों के खेलने की चीज नहीं, हाथ कट जाए तो खून निकलने लगता है।

फिल्म: सौदागर
जानी...हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे, पर बंदूक भी हमारी होगी और गोली भी हमारी होगी और वह वक्त भी हमारा होगा 
 
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bollywood flashback raaj kumar
फिल्म: तिरंगा 
हम आंखों से सुरमा नहीं चुराते। हम आंखें ही चुरा लेते हैं 

फिल्म: वक्त 
जिनके घर शीशे के बने होते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते
 
फिल्म: पाकीजा
आपके पांव देखे, बहुत हसीन हैं, इन्हें जमीन पर मत उतारिएगा मैले हो जाएंगे 

फिल्म: सौदागर
काश कि तुमने हमें आवाज दी होती तो हम मौत की नींद से भी उठकर चले आते। 

फिल्म: तिरंगा
हमारी जुबान भी हमारी गोली की तरह है। दुश्मन से सीधी बात करती है
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