क्या बोले तहसीन पूनावाला?
नागपुर और महाराष्ट्र के दूसरे इलाकों में हुए दंगों के लिए एक्टर विक्की कौशल को दोषी ठहराने वालों की तहसीन पूनावाला ने आलोचना की है। उनका कहना है कि यह निंदनीय है। तहसीन पूनावाला ने आज बुधवार को अपने एक्स अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) से एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा है, 'नागपुर दंगों के लिए विक्की कौशल अभिनीत फिल्म 'छावा' को दोषी ठहराना बेहद निंदनीय है, जिसमें उन्होंने छत्रपति संभाजी महाराज का शानदार किरदार अदा किया है। कला - चाहे वह फिल्म हो, किताब हो या कोई और रचनात्मक अभिव्यक्ति- हिंसा भड़काने की ताकत नहीं रखती। यह समाज के लिए एक आईना मात्र है, माचिस नहीं'।
लिखा- 'गरीबों को खून बहाना पड़ता है'
अगर कोई फिल्म अपमानजनक है, तो उसे छोड़ दें या बेहतर फिल्म बनाएं। अगर कोई किताब नाराज करती है, तो उसे नजरअंदाज करें या बेहतर कहानी लिखें। हिंसा कभी किसी का अधिकार नहीं है। यहां असली अपराधी एक घटिया दर्जे की अभिनेत्री और अबू आजमी हैं, जिन्होंने बेशर्मी से औरंगजेब का महिमामंडन किया, ताकि दक्षिणपंथी समूह और यहां तक कि महाराष्ट्र के मंत्री राणे और तेलंगाना के विधायक टी. राजा नफरत की आग को और भड़का सकें। फिर भी, पाखंड पर ध्यान दें। न तो आजमी के बच्चे, न ही राणे के परिवार के लोग और न ही राजा का परिवार सड़कों पर उतरा, क्यों? क्योंकि विशेषाधिकार प्राप्त लोग अराजकता फैलाते हैं, जिससे गरीबों को खून बहाना पड़ता है और मध्यम वर्ग को जख्म सहना पड़ता है। आइए नफरत के इस चक्र को खत्म करें। जय शिवाजी, जय भवानी, जय हिंद, जय भारत के गूंजते नारों में एकजुट हों और रमजान के इस पवित्र महीने में एक परिवार के रूप में एक-दूसरे को गले लगाएं। भारत अविभाजित होकर उन्नति करे और समृद्ध हो'!