भोजपुरी सिनेमा ने अपने 50 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम आयोजित किया है। यहां पर पहली भोजपुरी फिल्म ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो’ का प्रदर्शन किया गया। यह फिल्म 1963 के फरवरी महीने में रिलीज हुई थी।
भोजपुरी सिनेमा की उतार चढ़ाव वाली 50 साल की यात्रा पूरी होने के मौके पर दर्शकों को इस सिनेमा के इतिहास की झलक दिखायी गयी। बिहार संगीत नाटक अकादमी और सिने सोसायटी, पटना ने संयुक्त रूप से यह आयोजन किया। यह कार्यक्रम पटना की प्रेमचंद रगंशाला में किया गया।
फिल्मकारों और जानकारों ने भोजपुरी भाषा के इतिहास को ताजा करने के साथ वर्तमान पर भी बात की। सिने सोसायटी, पटना के अध्यक्ष आरएन दास ने कहा कि पहली भोजपुरी फिल्म दिग्गज अभिनेता नासिर हुसैन के अथक प्रयासों का ही परिणाम थी। हुसैन को जब 1960 के दशक की शुरूआत में पता चला कि तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद अपनी मातृभाषा में फिल्म देखना चाहते हैं तो उन्होंने इसी भाषा में फिल्म बनाने पर जोर दिया।