गोपाल मुखर्जी की भूमिका पर परिवार ने जताई आपत्ति
फिल्म 'बंगाल फाइल्स' में बंगाली योद्धा गोपाल मुखर्जी की भूमिका को लेकर उनके परिवार की तरफ से आपत्ति जताई गई है। कथित तौर पर ट्रेलर में गोपाल मुखर्जी को 'कसाई गोपाल पाठा' के रूप में दिखाया गया है। इसका उनके परिवार ने विरोध करते हुए निर्देशक के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। गोपाल मुखर्जी के पोते शांतनु का दावा है कि ट्रेलर में उनके दादा को गलत तरह से दिखाया गया है। उनके दादा पेशे से कसाई नहीं थे, बल्कि एक पहलवान और अनुशीलन समिति के मुखिया थे। दंगों को रोकने में उनकी अहम भूमिका थी।
निर्देशक को भेजा नोटिस
गोपाल मुखर्जी के पोते ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, 'मैंने अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन (बौबाजार पुलिस स्टेशन) में शिकायत दर्ज कराई है। मेरे वकील ने मेरे दादा की छवि खराब करने के लिए निर्देशक को कानूनी नोटिस भी भेजा है'। शांतनु के अनुसार, विवेक अग्निहोत्री ने फिल्म बनाने से पहले न तो परिवार की अनुमति ली और न ही उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा, 'निर्देशक ने हमसे कभी कोई अनुमति नहीं ली, न ही हमसे मिलने या मेरे दादाजी के बारे में बात करने की कोशिश की। मेरे दादाजी के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया'।
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विवेक अग्निहोत्री ने दी सफाई
इसी बीच सोमवार को दिल्ली में हुई एक प्रेस वार्ता के दौरान विवेक अग्निहोत्री ने खुद पर लगे आरोपों पर सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने गोपाल मुखर्जी की छवि फिल्म में खराब करके नहीं दिखाई है। खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए विवेक अग्निहोत्री वे कहा है कि उन्होंने गोपाल मुखर्जी को फिल्म में हीरो की तरह दिखाया है। फिल्म 'बंगाल फाइल्स' 5 सितंबर को रिलीज होगी। इसमें अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, मिथुन चक्रवर्ती, उमंग कुमार और शाश्वत चटर्जी अहम भूमिकाओं में हैं।
'मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं'
विवेक अग्निहोत्री ने गोपाल मुखर्जी को फिल्म में दिखाए जाने पर उठे विवाद को लेकर कहा, 'मैंने उन्हें फिल्म में एक हीरो के रूप में दिखाया है। मैंने बीबीसी को दिए उनके एक इंटरव्यू से कुछ अंश लिए हैं और उनकी कही बातों को हूबहू पेश किया है। मुझे पता है कि बंगाल के लोग उन्हें हीरो मानते हैं और मैंने उन्हें इसी तरह पेश किया है'। निर्देशक ने आगे कहा, 'मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं'।
बोले- 'कानूनी रूप से जवाब देंगे'
विवेक अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि शांतनु की एफआईआर राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई है। निर्देशक ने कहा कि शांतनु ने उनके और 'द बंगाल फाइल्स' की टीम के खिलाफ एफआईआर इसलिए दर्ज कराई, क्योंकि उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया था। विवेक अग्निहोत्री ने कहा, 'उनके पोते शांतनु टीएमसी (ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस) के साथ काम करते हैं और वह वही कर रहे हैं जो उनके लिए अनिवार्य है... आप जानते हैं कि बंगाल की राजनीति कैसी है। उन्हें जो करना है, वह करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हम उन्हें कानूनी तौर पर जवाब देंगे'।