ऑफबीट किरदारों के बलवान आयुष्मान इन दिनों अपनी पहली फिल्म विकी डोनर का जश्न मना रहे हैं। दरअसल, हिंदी सिनेमा में कहानियों का असर पैदा करने वाली पिछले एक दशक की सबसे दमदार फिल्म मानी जाने वाली फिल्म विकी डोनर की रिलीज के शनिवार को सात साल पूरे हो रहे हैं। बिना किसी गॉड फादर के हिंदी सिनेमा में अपनी जगह बनाने वाले आयुष्मान इस दिन को मुंबई फिल्म जगत में देश के कोने कोने से आने वाले कलाकारों का समर्पित करना चाहते हैं।
आयुष्मान कहते हैं, ‘हर कलाकार की पहली फिल्म हमेशा उसके दिल के करीब रहती है। विकी डोनर से मुझे दर्शकों का इतना प्यार मिला है कि मैं हमेशा इस फिल्म के और इस फिल्म के निर्देशक शूजीत सरकार के एहसान में बंधा रहूंगा। ये मेरे फिल्म करियर का पहला पड़ाव था और इस फिल्म ने मुझे एक कलाकार के तौर पर नई पहचान दी।’
हिंदी सिनेमा में इन दिनों हर दूसरी बड़ी फिल्म स्टार किड्स के साथ ही बन रही है। ऐसे में बिना किसी फिल्मी परिवार से कोई रिश्ता या नाता रखे, हिंदी सिनेमा के टॉप 3 सितारों में शामिल होने तक की मेहनत को भी आयुष्मान भूले नहीं हैं।
आयुष्मान खुराना
- फोटो : सोशल मीडिया
वह कहते हैं, ‘विकी डोनर ने मेरे जैसे बाहरी व्यक्ति को ये भरोसा भी दिया कि हिंदी सिनेमा में मैं बिना किसी जान पहचान के भी सपने देख सकता हूं और शायद बहुत बड़े सपने देख सकता हूं। फिल्म के सारे कलाकारों से इस दौरान मिलना मेरे लिए नया अनुभव रहा और मुझ पर भरोसा करने के लिए ये फिल्म बनाने वाले हर शख्स का मैं शुक्रगुजार हूं।’
सिर्फ अभिनय में ही नहीं बल्कि विकी डोनर ने ही आयुष्मान को बतौर गायक भी हिंदी फिल्म जगत में स्थापित किया। फिल्म का एक गाना, पानी दा रंग, हिंदी फिल्म संगीत के प्रशंसकों का फेवरिट गाना रहा है। आयुष्मान कहते हैं, ‘इस फिल्म के गाने ने मुझे एक बहुआयामी कलाकार के तौर पर अपने पैर जमाने में बहुत मदद की। इसने मुझे वह बल भी दिया जिसके चलते आज मैं खुद संगीत के क्षेत्र में नए प्रयोग करने की हिम्मत जुटा पा रहा हूं।’