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Health Update: तबीयत बिगड़ने पर एयरलिफ्ट कर दिल्ली लाए गए सुखराम शर्मा, एक्टर आयुष शर्मा ने साझा किए भावुक लम्हे

Sat, 07 May 2022 08:45 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

पंडित सुखराम हिमाचल प्रदेश की राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता है। ब्रेन स्ट्रोक के बाद शुक्रवार को उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में भर्ती किया गया था।
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आयुष शर्मा के साथ पंडित सुखराम शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बॉलीवुड एक्टर आयुष शर्मा के दादा और पूर्व दूरसंचार मंत्री पंडित सुखराम शर्मा की हालत गंभीर है। ब्रेन स्टोक के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पंडित सुखराम केंद्र की नरसिम्हा राव सरकार में दूरसंचार मंत्री थे। उनके कार्यकाल के दौरान 31 जुलाई 1995 को पहली बार मोबाइल फोन कॉल का इस्तेमाल कर भारत ने इतिहास रच दिया था। यह कॉल उनके और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु के बीच किया गया था। यह कॉल नोकिया फोन पर किया गया था।

 

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आयुष शर्मा के साथ पंडित सुखराम शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
जानकारी के मुताबिक 95 वर्षीय राजनेता की शुक्रवार दोपहर को तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिवार ने शनिवार को उन्हें एयरलिफ्ट करके दिल्ली ले जाने का फैसला किया। आयुष शर्मा भी अपने दादा के तबीयत खराब होने पर काफी चिंतित हैं। उन्होंने अपने दादा संग कुछ भावुक लम्हे तस्वीरें के जरिए साझा किए हैं। बता दें कि पंडित सुखराम को हिमाचल प्रदेश की राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता है। ब्रेन स्ट्रोक के बाद शुक्रवार को उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में भर्ती किया गया था। जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए दिल्ली के एम्स में शिफ्ट किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पंडित सुखराम मनाली गए हुए थे। गत रात उनकी तबीयत खराब हुई।
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आयुष शर्मा के साथ पंडित सुखराम शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
मनाली में उपचार के बाद उन्हें कुल्लू सिविल अस्पताल लाया गया, जहां से उन्हें जोनल अस्पताल मंडी रेफर कर दिया गया था। इस दौरान चिकित्सकों की एक टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए थी। पंडित सुखराम मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे हैं। उन्होंने पांच बार विधानसभा चुनाव और तीन बार लोकसभा चुनाव जीता है। 1991 से लेकर 1996 तक वह पीवी नरसिम्हा राव सरकार में केंद्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री रहे हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े कई आरोप लगे, लेकिन हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में उन्हें संचार क्रांति के जनक के तौर पर जाना जाता है।
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