अविनाश के घर के बच्चों ने नहीं देखीं उनकी फिल्में
अभिनेता ने यह भी कहा कि टिकट की कीमतें भी हैं और हमने इस बैंडविड्थ में लोगों के लिए फिल्में बनाने के बारे में सोचना बंद कर दिया है। यहां तक कि अपने घर पर भी, मैंने अपनी भाभी से पूछा कि आपने बच्चों को मेरी कौन सी फिल्म दिखाई है।
उन्होंने कहा, एक में तो तू पागल हो रहा है (लैला मजनू), एक में चुड़ैल आ गई (बुलबुल) तो ये बच्चे लोगों को कैसे दिखाएं। तब मुझे एहसास हुआ कि मेरे अपने घर के बच्चे मेरी फिल्में नहीं देख रहे हैं। इसने मुझे काफी प्रभावित किया। मैं भी बहुत दिखावा कर रहा था कि बहुत अलग-अलग काम किए हैं मैंने।
पर कहीं हमारी सोच से ही वो चीज गायब होती जा रही है, परिवार एक विचार है। माहौल थोड़ा अधिक व्यक्तिवादी हो गया है। हमें उम्मीद है कि इस फिल्म के साथ हम परिवारों को थिएटर में वापस लाएंगे।
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आखिरी बार परिवार के साथ देखी थी ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’
अविनाश ने याद करते हुए बताया कि आखिरी फिल्म जो उन्होंने अपने परिवार के साथ देखी थी वह 2023 में आई 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' थी। उन्होंने कहा कि उसके बाद कितना समय हो गया है कोई ऐसी फिल्म आए जिसे परिवार के साथ जाकर देख सकें। मुझे नहीं पता कि हम इस पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं। हम कहते हैं कि टिकट नहीं बिक रहे हैं, लेकिन अगर हम पारिवारिक फिल्म बनाएं, तो पूरा परिवार आने पर छह टिकट बिक जाते हैं। अगर मैं फिल्म बना रहा हूं, तो मैं इस बात पर ध्यान क्यों नहीं देता, यह विचार क्यों नहीं आता, मेरी समझ से बाहर है।