'एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री बजट में नजरअंदाज'
ANI को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मनोरंजन जगत में सिनेमा, टेलीविजन, ओटीटी और शो शामिल हैं। जब बजट का एलान होता है, तब उम्मीद रहती है कि इंडस्ट्री को भी कुछ न कुछ मिलेगा। हालांकि, यह हर साल होता है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को कोई भी सरकार महत्व नहीं देती है। हम चर्चा करते रहे हैं, हम संपर्क करते रहे हैं, लेकिन वह गंभीरता हमारी इंडस्ट्री को लेकर नजर नहीं आती है।
कपड़ा इंडस्ट्री को लेकर कही यह बड़ी बात
इंटरव्यू के दौरान अशोक पंडित ने कहा, 'बजट में बाकी इंडस्ट्री को महत्व दिया जाता है, चाहे वह कपड़ा इंडस्ट्री हो। चाहे वह साबुन इंडस्ट्री हो या हेल्थ सेक्टर। इन सभी को जिस तरह महत्वपूर्ण समझा जाता है, उनके बारे में चर्चा की जाती है, बहस की जाती है, उसी तरह एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को गंभीरता से किसी भी सरकार के बजट में महत्व नहीं दिया जाता है।'
कोरोना महामारी के दौरान निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
उन्होंने आगे कहा कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री देश के सबसे बड़े टैक्सपेयर्स में से एक हैं। किसी भी परेशानी के दौरान हमारी इंडस्ट्री अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि महामारी के समय हमारी इंडस्ट्री ने घर बैठे लोगों का मनोरंजन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और न केवल चुनाव के दौरान या आयोजनों के लिए हमें प्रमोटर के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए।