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Bollywood: एक्टर नहीं, डॉक्टर बनना चाहती थीं आशा पारेख, इस घटना के कारण बदलना पड़ा था मन

Mon, 13 Dec 2021 08:39 PM IST
ललित फुलारा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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धर्मेंद्र और आशा पारेख - फोटो : सोशल मीडिया
दिग्गज अदाकारा आशा पारेख ने किसी जमाने पर फिल्मी पर्दे पर राज किया। उनकी गिनती 60 और 70 के दशक की सबसे बेहतरीन अभिनेत्रियों में होती हैं। अपने चुलबुले अंदाज और ग्लैमरस अवतार के कारण आशा पारेख ने करोड़ों प्रशंसकों के दिल पर राज किया। उन्होंने अपने जीवन में कई संघर्ष भी देखे और फिल्मों से रिजेक्शन का भी सामना किया, पर हार कभी नहीं मानी। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आशा पारेख एक्टर नहीं बनना चाहती थीं।

 
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आशा पारेख - फोटो : Social Media
डॉक्टर बनना चाहती थीं आशा पारेख...
बीते जमाने की अभिनेत्री आशा पारेख ने खुद ही खुलासा किया था कि वह एक्टर नहीं बल्कि डॉक्टर बनना चाहती थीं। उन्होंने ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ शो में बताया था कि वह बचपन में डॉक्टर बनना चाहती थीं। लेकिन एक हादसे ने उनके ख्यालों को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया। आशा पारेख ने बताया कि एक बार स्कूल जाते वक्त उन्होंने एक हादसा देखा और खून बिखरे होने के कारण उन्हें चक्कर आ गया।
 
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आशा पारेख - फोटो : amar ujala
इसके बाद उन्हें यह समझ आ गया कि वह डॉक्टर बिल्कुल भी नहीं बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि जो पैसे मैंने फिल्मों में काम करते हुए कमाए थे, उनसे मैंने एक अस्पताल खोला और जरूरतमंदों की अपने अंदाज में ही मदद की। आशा पारेख का कहना है कि जो आप बनना चाहते हो वह बनो।

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आशा पारेख
आशा पारेख का जन्म 2 अक्तूबर 1942 में गुजरात में हुआ था। गुजराती परिवार से ताल्लुक रखने वाली आशा पारेख की माता मुस्लिम और पिता गुजराती थे। वह 60-70 के दशक में सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में शुमार थीं।
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आशा पारेख - फोटो : Social Media
आशा पारेख ने बाल कलाकार के रूप में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। लेकिन उनकी फिल्में फ्लॉप हो गईं। इसके बावजूद हार नहीं मानी और 16 साल की उम्र में उन्होंने अभिनेत्री के रूप में वापसी करने का फैसला किया। लेकिन फिल्म गूंज उठी शहनाई के लिए निर्माता विजय भट्ट ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। विजय भट्ट के अभिनेत्री के रूप में उन्हें रिजेक्ट करने के ठीक आठ दिन बाद उन्हें निर्माता सुबोध मुखर्जी और नासिर हुसैन ने एक बड़ी फिल्म ऑफर की। फिल्म का नाम था दिल देके देखो और उसमें आशा पारेख के अपोजिट थे शम्मी कपूर। यह फिल्म आशा पारेख के करियर की बेहतरीन फिल्म साबित हुई और उन्होंने इसके बाद कभी पीछे पलटकर नहीं देखा।

 
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