पिछले साल कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग्स केस मामले को रफा-दफा करने के लिए 25 करोड़ रुपये की मांग करने वाले और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख गवाह रहे प्रभाकर सैल का निधन हो गया है। इस बात की जानकारी सैल के वकील तुषार खंडारे ने दी थी। इसके बाद अब तुषार ने सैल के बारे में कई खुलासे किए हैं, जिसमें उसके परिवार की आर्थिक तंगी का भी जिक्र है। इसके अलावा भी तुषार ने कहा कि प्रभाकर के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के मामले में भी कुछ नहीं हुआ है और वह केस अभी भी चल रहा है।
हार्टअटैक से हुई मौत
आर्यन खान ड्रग्स केस में प्रमुख गवाह रहे प्रभाकर सैल की मौत के बारे में बताते हुए तुषार ने कहा कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। तुषार ने प्रभाकर के परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर भी खुलकर बात की। वह कहते हैं कि "प्रभाकर का परिवार पूरी तरह उस पर निर्भर था, जिसके कारण वह दबाव में रहने लगा था। केस के बाद से वह बेरोजगार हो गया था और हमने उसकी नौकरी लगवाने की कोशिश भी की थी। ये कोशिश विफल रही और उसे नौकरी नहीं मिली क्योंकि वह इस ड्रग्स केस में शामिल था।"
बेरोजगारी बनी मौत की असल वजह
तुषार खंडारे ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा,"पिछले साल नवंबर से ही प्रभाकर के पास नौकरी नहीं थी क्योंकि वह इस केस में गवाह था। उसको कोई भी नौकरी देने के लिए तैयार नहीं था। ऐसे में हम लोगों ने ही उसकी कई बार मदद की थी। उसके परिवार में पत्नी, दो बच्चे और मां हैं। उसका परिवार उसकी मौत के बाद असहाय और बेरोजगार है। वह उन्हें बेरोजगार ही छोड़कर चला गया।"