आर्ट और पॉलिटिक्स एक-दूसरे से जुड़े होते हैं
अली फजल ने आगे कहा कि कलाकारों के अंदर एक संवेदनशीलता होती है और वे अपने आसपास के समाज से खुद को पूरी तरह अलग नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि आर्ट और पॉलिटिक्स अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
‘एक कलाकार के तौर पर हममें बहुत करुणा होती है। लेकिन आर्ट उस समाज और पॉलिटिक्स से अलग नहीं हो सकता, जिसमें हम रहते हैं। कई बार आर्ट उसी का आईना होता है और कई बार उसी से प्रेरित होता है। इसे अलग नहीं किया जा सकता।’
जरूरी नहीं कि मंच पर खड़े होकर चिल्लाया जाए
उन्होंने यह भी माना कि आज के समय में कई लोग इन मुद्दों पर बोलना नहीं चाहते, और यह भी ठीक है क्योंकि हर किसी की अपनी परिस्थितियां होती हैं। लेकिन उनका मानना है कि हमें अपने-अपने तरीके से कुछ न कुछ जरूर करना चाहिए।
अली ने यह भी साफ किया कि अपनी बात रखना हमेशा बड़े-बड़े भाषण देने जैसा नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘हर किसी का अपना तरीका होता है। जरूरी नहीं कि मंच पर खड़े होकर चिल्लाया जाए। कई बार अच्छी कहानियां लिखकर, उन्हें पर्दे पर दिखाकर भी बहुत बड़ी बात कही जा सकती है। कभी-कभी वही सबसे जोरदार आवाज बनती है।’
12 जून को रिलीज हो चुकी है 'राख'
वेब सीरीज 'राख' का निर्देशन ‘परी’ और ‘पाताल लोक’ जैसी डार्क दुनिया रच चुके प्रोसित रॉय ने किया है। यह 12 जून से अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो रही है। इसमें अली फजल और सोनाली बेंद्रे अहम भूमिका में हैं।
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वहीं आकाश मखीजा, रमनदीप यादव, दिव्या शर्मा और विवान शर्मा भी वेब सीरीज में खास भूमिका निभाते हैं। वेब सीरीज 'राख' रिलीज हो चुकी है। यह सीरीज 1978 के कुख्यात रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है, जिसे भारत के सबसे खौफनाक अपराधों में गिना जाता है।