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मैं सलमान के लिए फिर से गाऊंगा

Mon, 05 Sep 2016 11:15 AM IST
रवि बुले/अमर उजाला, मुंबई
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लगातार हिट गाने देने वाले सिंगर अरिजीत सिंह की एक नई प्रतिभा आने वाले दिनों में सामने आएगी। निर्देशक के रूप में वह ऐसी फिल्म पर काम रहे हैं, जो उनके गुरु को श्रद्धांजलि होगी। आज शिक्षक दिवस है। अरिजीत का काम निःसंदेह नए जमाने के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।
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अपनी बेहतरीन आवाज से बॉलीवुड में छाए हुए गायक अरिजीत सिंह अपने गुरु राजेंद्र प्रसाद हजारी के जीवन पर फिल्म बना रहे हैं। उनका 2007 में देहांत हो गया था। अरिजीत ने हजारी से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली थी और उनके संगीत तथा बातों का असर अरिजीत के जीवन पर आप साफ देख सकते हैं। यह फिल्म अरिजीत ने ही लिखी है और इसका निर्देशन भी स्वयं कर रहे हैं। 2013 में आई आशिकी-2 के गीत तुम ही हो से इस गायक को मिली कामयाबी के बाद यह बात लगातार सामने आई कि वह सिर्फ गायक नहीं है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं।

बॉलीवुड गायकी की दुनिया में जमने के बाद अब अरिजीत पंख फैला रहे हैं और इस साल के आखिर तक वह अपनी फिल्म पूरी कर लेंगे। किस विषय पर और कैसी होगी यह फिल्म? अरिजीत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, ‘यह फिल्म मेरे गुरु के बारे है और इसक विषय हार्डकोर इंडियन क्लासिकल म्यूजिक होगा।’
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एक बच्चे की कहानी होगी

अरिजीत कहते हैं, ‘इसे आप विशुद्ध बायोपिक तो नहीं कह सकते लेकिन हां, अपने गुरुजी के जीवन की बहुत सारी घटनाओं, अनुभवों और बातों को मैंने पर्दे पर उतारने की कोशिश की है।’ उन्होंने बताया कि मेरे गुरु मेरे साथ अपनी बातों को बांटते थे तो उन्हें मैं डायरी में लिख लेता था। मुझे वह अच्छा लगता था। उनकी बातों में बहुत गहराई और दर्शन होता था। उन्हीं बातों को लेकर मैंने एक कहानी बुनी, जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत को पिरोया और यह फिल्म बनाई। कहानी के केंद्र में एक बच्चा है और शास्त्रीय संगीत के प्रति उसका लगाव तथा संगीत के साथ उसकी यात्रा आपको दिखाई देगी। अरिजीत बताते हैं, ‘इंडियन क्लासिकल में क्या स्ट्रगल है और बच्चे की ग्रोथ कैसी है वह पर्दे पर उतारा गया है।’ फिल्म की कहानी अरिजीत के दिल के बहुत करीब है और वह मजाक में कहते हैं, ‘असल में यह फिल्म शायद सिर्फ मेरे लिए है... कोई नहीं देखेगा इसे।’

अरिजीत के जीवन पर उनके गुरु की बातों का गहरा असर दिखता है। वह संगीत में इतने डूबे हैं कि किसी अन्य मुद्दे पर बात नहीं करना चाहते। वह यह कहने में नहीं हिचकते कि मुझे इंटरव्यू देना पसंद नहीं। वह इस बात को खारिज करते हैं कि संगीत के ग्लैमर इंडस्ट्री का हिस्सा होने की वजह से लोगों की नजरों में बने रहना स्वाभाविक और जरूरी है। वह कहते हैं कि मुझे बातों से ज्यादा खुशी म्यूजिक स्टूडियो में रहने से मिलती है। अरिजीत चौबीसों घंटे रचनात्मक जगत में रहना चाहते हैं। वह बात कम करते हैं, सोचते ज्यादा हैं। मगर जब मन में रचनात्मक सवाल पैदा होते हैं तो किससे चर्चा करते हैं? वह कहते हैं, ‘मेरे कुछ दोस्त हैं। मेरी पत्नी है। हालांकि जब पहले ऐसे सवाल हुआ करते थे तो मैं गुरुजी (राजेंद्र प्रसाद हजारी) के पास जाता था।’

अरिजीत बताते हैं, ‘जीवन के जटिल सवालों की खोज में मुझे मेरे एक और टीजर मदद करते रहे हैं, जिन्हें मैं आदर्श मानता हूं। वह स्कूल में अंग्रेजी पढ़ाते थे। मेरे गांव से ही थे।’ अरिजीत शुरू से बहुत महत्वाकांक्षी रहे हैं। वह कहते हैं, ‘मेरे सामने शुरुआती दौर में यह बड़ा सवाल होता था कि अपने लक्ष्य कैसे हासिल किए जाएं? मेरे दोनों टीचर्स ने इस मामले में मेरी बहुत मदद की। दोनों ने मुझे रचनात्मक मुश्किलों के हल जीवन की घटनाओं से जोड़ कर निकालना सिखाया।’ दोनों गुरुओं की सिखाई बातों का ही परिणाम है कि अरिजीत आज फिल्म पार्श्व गायकी के शीर्षस्थ मुकाम पर हैं।
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सलमान के लिए गाऊंगा

सुल्तान में जो हुआ सो हुआ परंतु सलमान खान की अगली फिल्म ट्यूबलाइट के लिए मैं जरूर गाऊंगा क्योंकि इसका संगीत प्रीतम तैयार कर रहे हैं। मैं प्रीतम के साथ काम करता हूं। स्वाभाविक है कि उन गानों को मैं गाऊंगा। गाने फिल्म में रहेंगे कि नहीं, यह नहीं मालूम। मुझे यह कहने में संकोच नहीं कि मैं सलमान का फैन हूं। मैंने फेसबुक पर जो लिखा था वह फैन की हैसियत से लिखा था, सिंगर अरिजीत की हैसियत से नहीं।

याद है ना...
आने वाली फिल्म राज रीबूट के एलबम में मुझे लगता है कि जो गाना है, याद है ना... इसमें लंबे समय तक बने रहने वाली बात है। इस गाने का साउंड बहुत अलग है। इस गाने ने मुझे रचनात्मक रूप से बहुत संतुष्ट किया। जबकि फिल्म का टाइटल ट्रेक राज आंखें तेरी बहुत मीठा है। कमाल की मिठास है इसमें। इसका पापुन का वर्जन और याद है ना फिल्म में मेरे फेवरेट हैं। राज आंखें तेरी बहुत ही खूबसूरती से लिखा गया है।

नाम नहीं भुनाऊंगा
मैं आज भी स्क्रैच वर्जन गाता हूं। आजकल लोग बहुत समझदार हैं। उनका ध्यान नाम से ज्यादा काम पर है। मैं कभी नहीं चाहूंगा कि अपने नाम को भुनाऊं। किसी दिनमुझे लगा कि यह सब अब मुझसे नहीं हो रहा तो मैं छोड़ दूंगा। खुदा की कसम छोड़ दूंगा। लोग मेरे नाम से नहीं जुड़ते। वह इस विश्वास से आते हैं कि मैं उनकी उम्मीदो पर खरा उतरूंगा। कई बार होता है कि मैं गाता हूं और लोग कहते हैं कि नहीं जम रहा।
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