अनुराग कश्यप ने सिनेमा के प्रति को दिखाया है। निर्माता अनुराग कश्यप ने कहा कि जब चीजें खराब हो जाती हैं, तो वे खुद को याद दिलाते हैं कि वे कहां से आए हैं। अनुराग ने यह भी कहा कि उनके पास आज इंडस्ट्री में काम कर रहे, कई स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं की तुलना में अधिक विशेषाधिकार हैं और यही वह चीज है जिस पर वे अपने रास्ते में आने वाली सभी बाधाओं के बजाय ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
इसलिए फिल्म निर्माता बनना चाहते थे अनुराग
फोर्ब्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इन दिनों दर्शक बड़े बजट की फिल्मों को देखना पसंद करते हैं, इस बीच वे स्ट्रीमिंग पर आने वाली छोटी फिल्मों का इंतजार करते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने भविष्य की ओर देखना बंद कर दिया है। अब मैं उन चीजों पर बात करना चाहता हूं, जिस पर बात करना लोगों ने बंद कर दिया है। मैं एक फिल्म निर्माता बनना चाहता था क्योंकि मुझे बड़े पर्दे पर फिल्में देखना पसंद है।
अनुराग कश्यप
- फोटो : इंस्टाग्राम
सिनेमा से है बेहद प्यार
अनुराग कश्यप ने कहा कि मैं घर पर जो रुकावटें आती हैं, उसके कारण घर पर फिल्में देखना पसंद नहीं करता हूं। उन्होंने कहा, मुझे सिनेमा में ही फिल्म देखने में मजा आता है। अनुराग कश्यप ने कहा, क्या होगा अगर सब कुछ खराब हो जाए। अगर मेरा सारा काम गलत हो जाए। मैं जहां से आया हूं, वहीं चला जाऊंगा। मैं सिनेमा से बहुत प्यार करता हूं।
निर्माताओं के साथ होती है तुलना
अन्य निर्माताओं के साथ तुलना किए जाने पर अनुराग बसु ने कहा कि मेरी अन्य निर्देशकों के साथ तुलना क्यों की जाती है। मुझे एक स्वतंत्र फिल्म निर्माता क्यों नहीं माना जाता। बता दें कि निर्माता अनुराग कश्यप की कन्नड़ फिल्म टाइगर्स पॉन्ड बर्निल फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई।