'परिवार के साथ वक्त बिताना सक्सेस है'
संवाद में अरशद वारसी से पूछा गया कि आपके लिए सफलता क्या है? इस पर उन्होंने कहा, 'मेरे लिए सफलता ये है कि कोई मुझसे बात तो कर रहा है। लोग मेरे पास आते हैं और कहते हैं कि आपके साथ फोटो ले लूं? मैं कहता हूं प्लीज ले लो। 30 साल से इंडस्ट्री में काम कर रहा हूं। प्लीज फोटो लो मेरे साथ मुझे अच्छा लगेगा'। उन्होंने आगे कहा, 'मेरे लिए अपने परिवार के साथ वक्त बिताना सक्सेस है। तुम्हारे हिस्से में वो आता है, जिसके लिए तुमने काम किया, मैं इस लाइन पर यकीन करता हूं। आज अमिताभ और शाहरुख इसलिए अमिताभ और शाहरुख बन पाए क्योंकि वो वही बनना चाहते हैं'।
'कभी ऑडिशन नहीं दिया'
अरशद वारसी का कहना है, 'आपको कोई चीज चाहिए और वह मिल गई तो फिर कहीं तो रुक जाना चाहिए। आपकी लालसा बढ़ती गई तो फिर वह आपको बीमार बना सकता है। मैंने सोचा था कि मुझे घर चाहिए, गोवा में घर चाहिए और लेक के पास चाहिए। मुझे ये सब चीजें मिल गईं। मैंने आज तक कभी काम के लिए कॉल नहीं किया। आज तक कभी ऑडिशन नहीं दिया। मेरे पास वही किरदार आते हैं, जो सभी ने रिजेक्ट कर चुके होते हैं। 'मुन्नाभाई एमबीबीएस' भी ऐसे मिली और 'जॉली एलएलबी' भी सबने रिजेक्ट कर दी थी, तब मेरे पास आई थी'।
किस तरह की कॉमेडी पसंद है?
अरशद वारसी से जब पूछा गया कि आपको किस तरह की कॉमेडी पसंद है? इस पर उन्होंने कहा, 'मुझे हल्की कॉमेडी पसंद है। मुझे राजकुमार हिरानी की कॉमेडी पसंद है। मैं कॉमेडी फिल्में लोगों के लिए करता हूं। अपने लिए कभी नहीं करता'।