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अक्षय कुमार ने सरेआम बेटे को मारा था थप्पड़; रियलिटी शो पर किया कुबूल, बोले- 'आज भी उसे दर्द याद है’

Mon, 09 Feb 2026 08:48 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Akshay Kumar: अक्षय कुमार कभी भी अपनी बात दिल से कहने से नहीं कतराते और हाल ही में उन्होंने अपने एक ऐसे नरम और भावुक रूप को दिखाया, जिसने पूरे देश के लाखों माता-पिता को छू लिया। रियलिटी शो 'व्हील ऑफ फार्च्यून' के नए एपिसोड में एक कंटेस्टेंट  और उसके पिता से बातचीत के दौरान पेरेंटिंग, अनुशासन और बदलते समय पर एक खुली चर्चा शुरू हुई।
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अक्षय कुमार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हंसी-मजाक के बीच अक्षय कुमार ने अपनी पेरेंटिंग से जुड़ी एक निजी याद साझा की, जिससे पता चला कि समय के साथ अनुशासन को लेकर उनके विचार कैसे बदले हैं? अक्षय ने मजाक में करणजीत के पिता से पूछा, ‘पापा जी, आपने इसको मारा है? आपने जिंदगी में कितनी बार मारा है?’ इस पर उनके पिता ने हंसते हुए कहा, ‘पीटा है, बहुत पीटा है,’ और स्टूडियो में सभी हंस पड़े। इसके बाद अक्षय ने ऑडियंस से पूछा कि कितने लोग मानते हैं कि बच्चे गलती करें तो उन्हें मारना चाहिए। रिस्पांस मिला-जुला था। अक्षय ने मजाक में कहा, ‘मैं भी कहता हूं, पीटना चाहिए,’ लेकिन फिर तुरंत अपनी सच्ची राय बता दी। उन्होंने क्या कहा? जानिए

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अक्षय कुमार-ट्विंकल-आरव और नितारा - फोटो : सोशल मीडिया
अक्षय का पेरेंटिंग अनुभव
अक्षय ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं और उन्होंने कभी अपनी बेटी या बेटे पर हाथ नहीं उठाया, लेकिन एक बार उन्होंने अपने बेटे को हल्का-सा थप्पड़ मारा था, क्योंकि गुरुद्वारे का प्रसाद उसके हाथ से गिर गया था। प्रसाद गिरते ही उन्हें थोड़ा गुस्सा आया और उन्होंने उसे थप्पड़ लगा दिया।

अक्षय कुमार बेटे आरव के साथ - फोटो : इंस्टाग्राम
बेटे की याद आज भी ताजा
अक्षय ने कहा कि यह घटना उनके बेटे को आज भी याद है। वह अब भी कहता है, ‘डैडी, आपने मुझे एक बार मारा था, मेरे हाथ से प्रसाद गिर गया था। मेरी गलती नहीं थी’। इस पर अक्षय प्यार से जवाब देते हैं, ‘हां बेटा, मैं जानता हूं’। एक्टर आगे बताते हैं कि समय बदल गया है और बच्चे अब बड़े हो चुके हैं।
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प्यार का असर हमेशा रहता है
अक्षय ने कहा कि बच्चों को प्यार और समझ से संभालना सजा देने से कहीं ज्यादा असरदार होता है, क्योंकि ऐसी बातें उनके दिल में हमेशा रह जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘सही बात तो यह है कि जो काम प्यार से हो सकता है, वो मारने से नहीं होता। वो जमाना अलग था, जब हमें पीटा जाता था।’ उनकी यह बात सुनकर पूरा माहौल भावुक और सोचने पर मजबूर करने वाला हो गया।
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