अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा
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दर्शकों को पुरानी फिल्मों के किरदार क्यों याद रहते थे?
यह पूछे जाने पर कि पुरानी फिल्मों के किरदार आज भी क्यों याद किए जाते हैं जबकि आजकल के कई किरदार जल्दी ही भुला दिए जाते हैं, ताे इस पर अखिलेंद्र मिश्रा कहते हैं, ‘गब्बर सिंह, मोगैम्बो या सखाराम जैसे किरदार कहां हैं? आज क्रूर सिंह, मिर्ची सेठ जैसे किरदार कहाँ लिखे जा रहे हैं? पुलिस पर फिल्में तो अब भी बन रही हैं, लेकिन आपको ऐसे यादगार किरदार नहीं मिलते। दरअसल, निर्माता पहले अच्छी तरह से गढ़े गए किरदारों के लिए थिएटर एक्टर्स को चुनते थे, जैसे अमजद खान और अमरीश पुरी।'
वह आगे कहते हैं, 'कहने का मतलब है कि मेकर्स ने ऐसे एक्टर्स को ढूंढा जो उन किरदारों में ढल सकें। मुझे थिएटर में मेरे काम की वजह से 'क्रूर सिंह' के रोल के लिए चुना गया था। जॉन मैथ्यू मथन ने मेरा एक नाटक देखने के बाद मुझे 'सरफरोश' के लिए चुना था।’
क्या इंडस्ट्री में कुछ नहीं बदला है?
हालांकि अभिनेता ने माना कि इंडस्ट्री का काम करने का तरीका अब ज्यादा व्यवस्थित हो गया है। वह कहते हैं, ‘फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह बदल गई है। नए लोग आए हैं और काम करने का तरीका ज्यादा मॉडर्न और कॉर्पोरेट हो गया है। एक अच्छी बात यह है कि काम सिस्टमैटिक हो गया है और प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे होते हैं, चाहे वो फिल्में हों या वेब सीरीज। पहले ऐसा नहीं था।’
बता दें कि अखिलेंद्र मिश्रा सीरियल 'चंद्रकांता' में क्रूर सिंह, 'सरफरोश' फिल्म में मिर्ची सेठ और 'गंगाजल' में डीएसपी भुरेलाल जैसे किरदारों के लिए जाने जाते हैं।