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अब नायिकाएं ही चला रही हैं हिंदी फिल्में

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हिंदी सिनेमा पर नायिकाओं को ‘वस्तु’ की तरह पर्दे पर प्रस्तुत करने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन नए निर्देशक सिनेमा को बदल रहे हैं। अब सशक्त नायिकाएं खूब दिख रही हैं।
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वूमेंस डे पर इस बार बॉलीवुड भी महिला अधिकारों और उन पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ लामबंद नजर आ रहा है। सिल्वर स्क्रीन पर एक के बाद ऐसी फिल्मों की लाइन लगने वाली है जो सीधे तौर पर या तो महिला प्रधान हैं या महिलाओं की समस्याओं से जुड़ी हैं।

दिलचस्प बात ये है कि बॉलीवुड की दो बड़ी फिल्में ‘गुलाब गैंग’ और ‘क्वीन’ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ही रिलीज हुई हैं। फिल्म में माधुरी दीक्षित ने शोषित महिलाओं के पक्ष में आवाज उठा रही हैं तो उनकी साथी कलाकार जूही चावला एक महिला कद्दावर नेता की भूमिका में हैं।
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इस क्वीन का अंदाज है जुदा

‘क्वीन’ का अंदाज जुदा है। यह महिला प्रधान रोमांटिक कॉमेडी है। लेकिन छोटे शहरों से आने वाली उन लड़कियों की बात करती है, जिनमें आत्मविश्वास कम होता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक अब नायिका केंद्रित विषयों पर फिल्में बनाने में पहले की तरह हिचक नहीं दिखाते।

नया सिनेमा नायिकाओं को हीरो की तरह ही पेश कर रहा है। बदलाव की यह आहट पिछले कुछ वर्षों की फिल्मों में सुनी जा सकती है। जो आने वाले वक्त में और मुखर होगी।

डर्टी पिक्चर की यही कहानी

हीरो की तरह फिल्मों को अपने अकेले दम पर खींच लेने वाली नायिकाओं की बात करें तो विद्या बालन का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है। उनके खाते में ‘डर्टी पिक्चर’ और ‘कहानी’ जैसी बेहद कामयाब और टिकट खिड़की पर कमाऊ फिल्में हैं। आने वाले दिनों में वह ‘बॉबी जासूस’ बनी दिखेंगी। रानी मुखर्जी ने भी अनेक किरदार पर्दे पर निभाए, लेकिन लोग उन्हें ‘नो वन किल्ड जेसिका’ के लिए खूब याद करते हैं। उनकी अगली फिल्म ‘मर्दानी’ की शुटिंग शुरू हो चुकी है और जानकारों की मानें तो वह भी ‘वन मैन शो’ होगी।

दीपिका बनीं सरताज

पिछले साल दीपिका पादुकोण की फिल्में जिस तरह से बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक सफल हुईं, उसे देख कर लोगों ने माना कि वह अकेले दम पर दर्शकों को खींच सकती हैं। ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘गोलियों की रासलीलाः राम-लीला’ की सफलता के पीछे दीपिका का बड़ा हाथ था। आमिर खान ‘धूम-3’ में भले ही छाए रहे, लेकिन कैटरीना कैफ की ऐक्टिंग और डांस में दम सबने देखा। उन्हें देख कर भी यह माना गया कि वह अकेले भी फिल्में चला सकती हैं।

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नायिका पर टिकी फिल्म

‘रागिनी एमएमएस-2’ को ‘हॉरेक्स’ यानी हॉरर और सेक्स का मिश्रण कहा जा रहा है, लेकिन इस बात से कैसे इंकार किया जा सकता है कि यह फिल्म केवल सनी लियोनी की लोकप्रियता पर टिकी है! प्रियंका चोपड़ा की ‘मैरी कॉम’ इस साल की उन फिल्मों में शुमार है, जिनकी सबसे बेसब्री से प्रतीक्षा हो रही है।

मणिपुर की ओलंपिक मैडलिस्ट और चैंपियन बॉक्सर की कहानी लोग देखना चाहते हैं। ‘क्वीन’ में नाजुक दिखने वाली कंगना रनौत जल्द ही ‘रिवॉल्वर रानी’ बनी दिखाई देंगी। इस फिल्म के पोस्टर पर लिखा है ‘अब मर्द को भी दर्द होगा’। संदेश साफ है कि छुई-मुई नायिका को देखने के दिन लदने लगे हैं।
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