फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Renukaswamy Murder Case: एक्टर दर्शन गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका रद्द होने के बाद पुलिस का एक्शन

Thu, 14 Aug 2025 05:15 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Actor Darshan Arrested: रेणुकास्वामी मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता दर्शन की जमानत रद्द कर दी है। इसके बाद कन्नड़ अभिनेता को आज गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
कन्नड़ एक्टर दर्शन थुगुदीपा - फोटो : इंस्टाग्राम
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहुचर्चित रेणुकास्वामी मर्डर केस मामले में कन्नड़ एक्टर दर्शन को हाईकोर्ट से मिली जमानत को अब सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद दर्शन को आज गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार की जमानत रद्द करने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। आज आए फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने एक्टर दर्शन को झटका दिया है। जमानत रद्द होने के बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है। 

विज्ञापन

पवित्रा गौड़ा को भी लिया गया हिरासत में
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रेणुकास्वामी मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद कन्नड़ अभिनेता दर्शन को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी मामले की मुख्य आरोपी उनकी दोस्त और अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा को पुलिस हिरासत में लिए जाने के कुछ ही देर बाद हुई।

आत्मसमर्पण करना चाहते थे दर्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दर्शन को बंगलूरू के होसाकेरेहल्ली स्थित उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी के घर से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों ने बताया कि अभिनेता गिरफ्तारी से बचकर अदालत में आत्मसमर्पण करना चाहते थे, लेकिन पुलिस को उनके वहां रुकने की सूचना मिल गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। 
विज्ञापन

हाईकोर्ट के आदेश में हैं खामियां
बता दें कि मर्डर केस में दर्शन को कर्नाटक हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इसमें कई खामियां हैं। पीठ ने कहा, 'हमने हर बात पर विचार किया। जमानत देने और रद्द करने पर भी। यह स्पष्ट है कि उच्च न्यायालय के आदेश में गंभीर खामियां हैं, बल्कि यह एक यांत्रिक प्रक्रिया को दर्शाता है और इसके अलावा, उच्च न्यायालय ने प्री-ट्रायल में ही इसकी जांच की'। 

पुख्ता आरोपों और फोरेंसिक सबूतों के साथ जमानत रद्द
पीठ ने आगे कहा कि निचली अदालत ही एकमात्र उपयुक्त मंच है। पुख्ता आरोपों और फोरेंसिक सबूतों के साथ जमानत रद्द करने की पुष्टि होती है। इसलिए याचिकाकर्ता की जमानत रद्द की जाती है। यह फैसला कर्नाटक सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के 13 दिसंबर 2024 के दर्शन और सह-आरोपी को जमानत देने के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर आया है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें