मनोज बाजपेयी ने दिलाया मौका
'हिंदी रश' के साथ बातचीत में अभिमन्यु सिंह ने बताया 'वह (मनोज बाजपेयी) मेरा नाटक देखने आए थे, फिर उन्होंने राकेश मेहरा को मेरा नाम सुझाया। इसके बाद, राकेश ने मेरा स्क्रीन टेस्ट लिया और मुझे 'अक्स' के लिए फाइनल कर लिया। यह मेरी पहली फिल्म थी, जो बुरी तरह फ्लॉप हो गई।'
बाद में हिट हो जाती हैं फिल्में
अभिमन्यु सिंह ने बताया 'कई बार ऐसा होता है कि कुछ चीजें फ्लॉप हो जाती हैं, लेकिन उनमें कुछ खास बातें इतनी अच्छी होती हैं कि उन्हें क्रिटिक्स से तारीफ मिलती है। अगर दर्शकों को कोई चीज बहुत पसंद आ जाए, तो वह एक अलग बात है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कोई चीज पहले फ्लॉप हो जाती है और फिर बाद में हिट हो जाती है। फिल्म तेजाब इसका उदाहरण है।' हालांकि अभिमन्यु को चार वर्षों के बाद फिल्म 'लक्ष्य' में काम मिला।
अभिमन्यु सिंह का वर्कफ्रंट
काम की बात करें तो अभिमन्यु सिंह फिल्म 'बटवारा 1947' (पहले लाहौर 1947) का हिस्सा हो सकते हैं। वह साउथ की फिल्म 'दे कॉल हिम ओजी' में नजर आए थे।