क्या मुझे पागल कुत्ते ने काटा है?
आमिर ने कहा, ‘मीडिया ने हमेशा कहा कि मैं फिल्मों को पर्दे के पीछे से डायरेक्ट करता हूं। लेकिन ऐसा क्यों करूंगा मैं? अगर मैं इतना अच्छा काम कर रहा हूं तो किसी और का नाम क्यों दूंगा? क्या मुझे पागल कुत्ते ने काटा है?’
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें अपने करियर में कई शानदार डायरेक्टर्स के साथ काम करने का मौका मिला, जिनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। आमिर का मानना है कि हर निर्देशक अपनी अलग सोच और स्टाइल लेकर आता है और यही वजह है कि उनकी फिल्में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दिखाई देती हैं।
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आमिर ने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘लगान’, ‘रंग दे बसंती’, ‘सरफरोश’ और ‘3 इडियट्स’ जैसी फिल्मों का अंदाज और कहानी अलग-अलग है, क्योंकि हर फिल्म के पीछे अलग निर्देशक की सोच थी।
फिल्मों की सफलता पूरी टीम की मेहनत होती है
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्मों की सफलता सिर्फ एक इंसान की नहीं होती, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा होती है। आमिर ने बताया कि उन्होंने ‘तलाश’, ‘रंग दे बसंती’ या ‘तारे जमीन पर’ की कहानी नहीं लिखी थी। उन्हें बस ये कहानियां पसंद आईं और वह उनका हिस्सा बनना चाहते थे।
आमिर खान का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट की बात करें तो आमिर खान आखिरी बार ‘सितारे जमीन पर’ में नजर आए थे। आने वाले समय में वह राजकुमार हिरानी की ‘3 इडियट्स’ के सीक्वल में दिखाई दे सकते हैं।