आमिर खान ने फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर के साथ निर्माता और निर्देशक की भूमिका भी निभायी है। तीनों ही भूमिकाओं में वह सुपरहिट रहे। आमिर फिल्म इंडस्ट्री के ऐसे पहले कलाकार बने जिन्होंने पारिश्रमिक लेने के बजाय कमाई में हिस्सेदारी लेनी शुरू की। बाद में यह ट्रेंड बन गया।
1988 में बतौर हीरो फिल्मी पारी शुरू करने वाले आमिर खान ने लगभग 40 फिल्में कीं। पिछले कुछ सालों से वह सिर्फ साल में एक फिल्म कर रहे हैं। आमिर खान ने एक एक्टर के रूप में न सिर्फ चर्चा बटोरी बल्कि अभिनय करने का एक ट्रेंड भी बनाया। आज आमिर ऐक्टिंग के नाम पर एक ब्रांड हैं।
निर्माता के रूप में आमिर खान की पारी 2001 में 'लगान' फिल्म से शुरू होती है। 'लगान' फिल्म में वह नायक की भूमिका में भी थे। 'लगान' के बाद उन्होंने 'तारे जमीं पर', 'जाने तू या जाने न', 'पीपली लाइव', 'धोबी घाट', 'देल्ही बेली' और 'तलाश' फिल्म प्रोड्यूस की। 'धोबी घाट' को छोड़कर बाकी सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस में हिट रहीं।
फिल्म 'तारे जमीं पर' से आमिर खान की निर्देशकीय पारी शुरू होती है। इसके पहले वह 'मंजिल मंजिल' और 'जबर्दस्त' फिल्मों के सहायक निर्देशक रहे हैं। आमिर अपनी ही फिल्म 'हम हैं राही प्यार के' का स्क्रीनप्ले लिख चुके हैं। आमिर खान ने 'कयामत से कयामत तक' की कहानी नासिर हुसैन के साथ मिलकर लिखी थी।