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गजल रिलीज: मेरे हाथ लग गया था कोई नूर का खजाना...यूट्यूब पर देखें वीडियो

Tue, 31 Jul 2018 04:34 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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मुंबई में आयोजित गजलों के कार्यक्रम खजाना में इसे रिलीज किया गया।
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मेरे हाथ लग गया था कोई नूर का खजाना

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अभी तक उसी से रौशन है मेरा गरीब खाना...


प्यार और जिंदगी के फलसफों से लबरेज गजल नूर अब लोगों के बीच है। मुंबई में आयोजित गजलों के कार्यक्रम खजाना में इसे रिलीज किया गया। मशहूर गीतकार और कवि आलोक श्रीवास्तव के लिखे इन अलफाजों को सुदीप बनर्जी ने अपने सुरों से सजाया है। यह पहला मौका है जब गजल और ऊर्दू कविता की दुनिया की दो नामचीन हस्तियां आलोक श्रीवास्तव और सुदीप बनर्जी  किसी प्रोजेक्ट के लिए साथ आए हैं।नूर का वीडियो भी यूट्यूब पर देखा जा सकता है। इसमें चर्चित कार्यक्रम 'जिंदगी लाइव' फेम एंकर और पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध ने मॉडलिंग की है। आलोक श्रीवास्तव ने इस गजल को भले ही पारंपरिक शैली में लिखा है, मगर इसके संगीत में शास्त्रीय के साथ साथ आधुनिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल किया गया है। 

फतेह अली खान ने सारंगी और अमित चौबे ने तबले की थाप ने गजल में चार चांद लगाए हैं। इस गजल की रिकॉर्डिंग मशहूर गायिका लता मंगेशकर के एलएम स्टूडियो में की गई है। वहीं, तलत अजीज, पंकज उधास और गायिका रेखा भारद्वाज ने इसका विमोचन किया। 

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रिकॉर्डिंग लता मंगेशकर के एलएम स्टूडियो में की गई है
काव्य और गजल को पुनर्जीवित करने की इन दोनों कलाकारों की ख्वाहिश का नतीजा है नूर। यह गजल इस बात का सबूत है कि अच्छी कविताएं और संगीत कभी भी चलन से बाहर नहीं होते। जब भी अच्छी कविता या गीत सही संगीत के साथ पेश किया जाता है, लोगों को लुभाता है। 

देखें इस गाने का वीडियो-

 
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