आदेश श्रीवास्तव। संगीत की दुनिया का वो नाम, जिसने कई ऐसे गानों को अपनी धुन दी जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चाहे वो बाबुल मूवी का 'बेबसी दर्द का ये आलम' हो या फिर कभी खुशी कभी गम मूवी का 'से शावा शावा'।
आदेश हर अंदाज में संगीत की दुनिया में फिट बैठते थे। अब आदेश नहीं रहे। कल मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में कैंसर से जूझते हुए 49 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई।
दुःखद है कि जिस दिन आदेश का 49 वां जन्मदिन था, उसी दिन उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। आदेश गानों को अपनी आवाज कभी-कभी देते थे, लेकिन उनकी बनाई धुनें आज भी लोगों के दिलों पर राज करती हैं।
पहला ब्रेक कन्यादान से
राजनीति मूवी का गाना मोरा पिया मोसे बोलत नाहीं में उन्होंने केवल गाने को केवल धुन ही नहीं दी थी, बल्कि उसे अपनी आवाज से भी तराशा था। आदेश ने बॉलीवुड इंडस्ट्री को कई सुपर हिट गाने दिए थे।
आदेश ने 100 से उपर हिन्दी फिल्मों के गानों में अपनी धुन दी थी। मध्यप्रदेश के जबलपुर के रहने वाले आदेश को उनका पहला ब्रेक 1993 में फिल्म कन्यादान से मिला।
ये उनकी खुशकिस्मती ही थी कि उनका पहला गाना ही लता मंगेश्कर ने गाया था, लेकिन ये फिल्म रिलीज न हो पाने की वजह से आदेश लोगों की निगाह में नहीं आ सके थे।
विदेशी संगीतकारों के साथ भी किया काम
फिर उन्होंने 'जाने तमन्ना ' मूवी में भी अपनी धुन दी, लेकिन फिर वही हुआ जो उनकी पहली फिल्म के साथ हुआ। लेकिन वो कहते हैं न कि देर है, पर अंधेर नहीं कुछ ऐसा ही आदेश के साथ भी हुआ।
उन्हें लोगों की निगाह में आने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ा लेकिन फिल्म 'आओ प्यार करें' में उन्होंने 'हाथों में आ गया जो कल ' को अपनी धुन दी जो गाना हिट रहा।
आदेश केवल बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं थे बल्कि उन्होंने हॉलीवुड के एकॉन, जूलिया फॉर्डहैम, सहित कई अन्य बड़़े विदेशी संगीतकारों के साथ भी उन्होंने काम किया है।
आखिरी तक किया काम
आदेश की शादी विजयता पंडित से हुई थी, जो संगीत कार ललित पंडित की बहन हैं। आदेश के दो बच्चे अविनेश और अवितेश हैं। आदेश को सबसे ज्यादा वाहावही सन् 2000 और 2001 में कुंवारा, तरकीब, और शिकारी फिल्म में संगीत देने के लिए मिली।
आदेश की तरक्की बस इतना सा ख्वाब है फिल्म में भी जारी रही। आदेश के कैंसर का पहला अटैक दिसंबर 2010 में आया था जिसके बाद उनका इलाज शुरु किया गया। हाल ही में रिलीज हुई वेलकम बैक का संगीत भी तैयार किया था।