दीपिका पादुकोण आज बॉलीवुड में सफलता का दूसरा नाम बन गई हैं। दीपिका का फिल्म में होना ही लोगों का उस फिल्म के प्रति उत्सुकता बढ़ा देता है। लेकिन दीपिका ने यहां तक पहुंचने के लिए काफी पापड़ बेले है। दीपिका ने फिल्मफेयर डॉट कॉम को दिए इंटरव्यू में अपनी जिंदगी की किताब के कई पन्ने पलटे हैं।
दीपिका ने 16 साल की उम्र में ग्लैमर की दुनिया में आने की ठानी। लेकिन इस समय दीपिका के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वो अपना फोटोशूट करा सकें। ऐसे में दीपिका की मम्मी ने उनकी मदद की। दीपिका की मम्मी ने उनका हौंसला बढ़ाया और खुद उन्हे दस हजार रुपये देकर फोटोशूट के लिए भेजा।
दीपिका बताती हैं कि उन्होने दोस्त के जरिए एक फोटोग्राफर को हायर किया। दीपिका की दोस्त ने उनका मेकअप किया और इस तरह दीपिका का पहला फोटो शूट पूरा हुआ।
आर. बाल्कि के ब्रेक से बदली दीपिका की किस्मत
लेकिन दीपिका के लिए अपने पहले फोटोशूट का अनुभव दीपिका के लिए अच्छा नहीं रहा। दीपिका के अनुसार अपना पहला फोटोशूट के फोटो देखकर वो चिढ गईं थी और उनके मुंह से 'छी' निकल गया था। इसके बाद दीपिका ने अपनी मम्मी को बाकी पैसे लौटाने चाहे लेकिन उनकी मां ने पैसे लेने से इंकार कर दिया।
इसके बाद दीपिका पादुकोण ने अपनी मम्मी के साथ लगतार अपने फोटो बहुत सारे फोटोग्राफरों को भेजने जारी रखे। इसके बाद आखिर दीपिका को एक पेय पदार्थ का विज्ञापन मिल गया। चेन्नई में इस विज्ञापन के दौरान ही दीपिका पर आर. बाल्कि की निगाह पड़ गई।
आर. बाल्कि ने दीपिका को एक बड़े साबुन में काम करने का ऑफर दिया और इसके बाद दीपिका मॉडलिंग के रास्ते फिल्मों की दुनिया में आ गईं। एक बार फिल्मों में आने के बाद दीपिका ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
बॉलीवुड से पहले बैडमिंटन के लिए दीवानी थी दीपिका
दीपिका अपने शुरुआती दिनों के बारें में बताते हुए कहती हैं कि फिल्मों से पहले वो बैडमिंटन के प्रति बेहद समप्रित थीं। दीपिका के अनुसार, वो रोज सुबह सवा पांच बजे उठकर प्रैक्टिस के लिए जाती थीं। इसके बाद स्कूल और फिर प्रैक्टिस इसके बाद शाम को ट्यूशन।
दीपिका बताती है कि सिर्फ शनिवार को ही उन्हे थोड़ी फुर्सत मिलती थी। वर्ना वो एक बेहद व्यस्त दिनचर्या का पालन करती थी। दीपिका के अनुसार घर में दोपहर में सोने की बिल्कुल इजाजत नहीं थी।
दीपिका का कहना है कि बचपन के इस अनुशासन की वजह से ही वो आज अपने कैरियर में अच्छा कर पा रही हैं। दीपिका अपने मां-पिता को अपने सफल कैरियर के लिए श्रेय देती हैं।