फिल्म निर्देशक स्वदान आंगरे पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को सजा दिलाने वाले वकील उज्जवल निकम पर फिल्म बना रहे हैं। यह मराठी फिल्म निकम के जीवन और कार्यक्षेत्र से सम्बंधित कुछ अनछुए पहलुओं को उजागर करेगी।
महाराष्ट्र के जलगांव जिले के छोटे से कस्बे से निकलकर देश के अग्रणी सरकारी वकील के रूप में पहचान बनाने वाले निकम से प्रभावित आंगरे को उन पर फिल्म बनाने का विचार आया। फिल्म सितम्बर में प्रदर्शित होगी।
पुणे के रहने वाले फिल्म निर्देशक आंगरे ने कहा कि हालांकि निकम फिल्म में दिखाई नहीं दिए हैं, लेकिन फिल्म पूरी तरह उनके जीवन और करियर से प्रभावित है।
निकम के करियर में 1993 मुम्बई विस्फोट, 2006 खेरलांजी नरसंहार, सहकारी समिति घोटाले और 26/11 मुम्बई हमले की सुनवाई जैसे महत्वपूर्ण मुकदमे शामिल हैं।
स्वदान ने आईएएनएस को बताया, "ज्यादातर लोग निकम सर को एक मशहूर वकील के रूप में ही जानते हैं। लेकिन फिल्म में उनके व्यक्तित्व के दूसरे पहलुओं और उनके निजी जीवन को भी चित्रित करती है।"
फिल्म 26/11 मुम्बई हमले के दोषी कसाब को फांसी की सजा सुनाए जाने से शुरू होती है।
स्वदान ने कहा, "मैंने फिल्म को कथा शैली में फिल्माया है। फिल्म के प्रथम दृश्य में फिल्म का मुख्य किरदार कसाब को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत करता दिखाया गया है।"
स्वदान ने बताया कि वह निकम को समझने और उनके जीवन के बारे में गहराई से जानने के लिए उनसे कई बार मिले। टीवी और कैमरे के सामने सरकार की बड़ाई करने वाले और टीवी की समझ रखने वाले वकीलों के पीछे फिरने वाले मीडिया ने कभी भी निकम को उचित तवज्जो नहीं दी।
उन्होंने कहा कि इस फिल्म 'आदेश' में निकम के जीवन और कार्य से जुड़ी कई घटनाओं को चित्रित किया गया है, जब कई मुकदमों और मामलों में उन्हें कद्दावर राजनीतिज्ञों से धमकियां भी मिलीं।