भाजपा नेता ने सीबीएफसी को लिखा पत्र
यह गाना मूल रूप से राजस्थानी सिंगर-रैपर रैपेरिया बालम ने गाया। 'शूरवीर' गाना महान योद्धा राजा महाराणा प्रताप की वीरता को समर्पित है, लेकिन फिल्म में इसे एक हिंसक दृश्य के साथ दिखाया गया है।
इस गाने के इस्तेमाल की कई तरफ से आलोचना हुई है। कई लोगों का मानना है कि योद्धा की बहादुरी का गुणगान करने वाले गाने का इस तरह इस्तेमाल करना अपमानजनक और अनुचित है। भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने अपने पत्र में 'मिर्जापुर' फिल्म में इस गाने के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई और कहा कि इससे समाज में नाराजगी और असंतोष पैदा हुआ है।
भाजपा नेता बोले- 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है'
उन्होंने लिखा, 'रैपेरिया बालम के ‘शूरवीर’ गाने का ‘मिर्जापुर द मूवी’ में इस्तेमाल बेहद आपत्तिजनक है और इससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं'।
पत्र के अनुसार, इस गाने को महाराणा प्रताप से जोड़ने से गाने का असली भाव बदल सकता है और उस वीर राजा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का अपमान हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा, 'यह बहुत चिंता की बात है कि जिस गाने को महाराणा प्रताप जी की वीरता और साहस को सम्मान देने के लिए बनाया और गाया गया था, उसके बोल और भाव को फिल्म में अभिनेताओं द्वारा निभाए गए किरदारों से जोड़ा गया है। एक शूरवीर (योद्धा) के चरित्र और मूल्यों और एक गैंगस्टर के चरित्र और मूल्यों के बीच स्पष्ट अंतर होता है। बहादुरी, त्याग, धर्म, आत्म-सम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपराध, हिंसा और गैंगस्टर संस्कृति से जोड़कर दिखाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है'।
सीबीएफसी से की अपील- 'गाना हटाया जाए'
बीजेपी नेता ने सीबीएफस चेयरमैन से फिल्म से वह गाना हटाने की अपील की है। साथ ही ऐतिहासिक हस्तियों से जुड़े गानों, प्रतीकों और संदर्भों के इस्तेमाल को लेकर भविष्य में ज्यादा सावधानी बरतने की मांग की।
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने 'मिर्जापुर' फिल्म के बारे में सेंसर बोर्ड के चेयरमैन को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें मैंने बताया है कि रैपेरिया का एक गाना, जो महाराणा प्रताप की तारीफ करता, उसे मिर्जापुर में गैंग वॉर के बैकग्राउंड में फिल्माया गया है। मुन्ना त्रिपाठी और गुड्डू भैया जैसे किरदार. जो महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक बातें करते और अनैतिक काम करते दिखाए गए हैं, उन्हें महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक और हल्दीघाटी की लड़ाई के संदर्भों के साथ दिखाया गया है। इस तरह के चित्रण की कड़ी से कड़ी निंदा होनी चाहिए'।