अमर उजाला संवाद का मंच इस बार हरियाणा में सजने जा रहा है। इस दौरान फिल्मी जगत से जुड़ी कई हस्तियां कार्यक्रम में शामिल होने जा रही हैं। गुरुग्राम में 17 दिसंबर को होने वाले इस संवाद में अभिनेता अरशद वारसी भी मंच की शोभा बढ़ाने वाली हैं। यहां जानें अरशद की जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प पहलुओं पर।
अरशद वारसी
- फोटो : इंस्टाग्राम@arshad_warsi
संघर्ष में बीता बचपन
अरशद वारसी का जन्म 19 अप्रैल 1968 को मुंबई में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था, लेकिन उनकी जिंदगी की शुरुआत आसान नहीं थी। एक इंटरव्यू में अरशद ने बताया कि 14 साल की उम्र में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया। उनके पिता को हड्डी का कैंसर हुआ और मां भी दो साल के भीतर चल बसीं। नासिक के बार्न्स बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रहे अरशद को पैसे की कमी के कारण 10वीं के बाद स्कूल छोड़ना पड़ा।
17 साल की उम्र में अरशद मुंबई की सड़कों पर कॉस्मेटिक्स बेचने वाले सेल्समैन बन गए। एक इंटरव्यू में उन्होंने उन्होंने कहा था कि मैं घर-घर जाकर लाली-लिपस्टिक बेचता था। उस वक्त सोचा भी नहीं था कि एक दिन फिल्मों में काम करूंगा। बाद में उन्होंने फोटो लैब में काम किया और डांस में रुचि जगने पर एक डांस ग्रुप जॉइन किया। उनकी प्रतिभा ने उन्हें 1991 में भारतीय डांस प्रतियोगिता जितवाई और 21 साल की उम्र में विश्व डांस चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल किया।
अरशद वारसी-मारिया
- फोटो : इंस्टाग्राम
जया बच्चन ने दिया पहला ब्रेक
अरशद की जिंदगी में टर्निंग पॉइंट तब आया जब उनकी मुलाकात मारिया गोरेटी से हुई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। मारिया से मिलने के बाद अरशद ने डांस स्टूडियो शुरू किया और 1993 में फिल्म 'रूप की रानी चोरों का राजा' के टाइटल ट्रैक को कोरियोग्राफ किया, लेकिन अभिनय में कदम रखने का मौका उन्हें 1996 में अमिताभ बच्चन की कंपनी एबीसीएल की फिल्म 'तेरे मेरे सपने' से मिला।
एक मजेदार किस्सा शेयर करते हुए अरशद ने बताया था कि मेरे पास पोर्टफोलियो के लिए पैसे नहीं थे। मैंने कुछ घटिया फोटोज जया बच्चन को भेज दी थीं। बाद में जब मैंने उनसे पूछा कि ऐसी फोटोज देखकर भी आपने मुझे क्यों चुना तो जया जी ने कहा कि हर फोटो में तुम्हारे चेहरे के भाव अलग थे। मुझे लगा, यह लड़का कुछ कर सकता है। बिना स्क्रीन टेस्ट के चुने गए अरशद की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही।
पत्नी मारिया के पैसों पर चलता था घर
'तेरे मेरे सपने' के फ्लॉप होने के बाद अरशद को तीन साल तक कोई काम नहीं मिला। इस दौरान उनकी पत्नी मारिया गोरेटी ने नौकरी करके घर चलाया। एक इंटरव्यू में अरशद ने भावुक होकर कहा था कि मारिया की सैलरी से हमारा घर चलता था। मैं उनकी मेहनत का हमेशा शुक्रगुजार रहूंगा। इस मुश्किल दौर में अरशद ने कभी किसी से काम नहीं मांगा। उन्होंने बताया था कि जब मेरी फिल्में फ्लॉप हुईं तो लोग मुझसे भागने लगे, सोचते थे कि मैं काम मांग लूंगा, लेकिन मैंने ऐसा कभी नहीं किया।
अरशद वारसी
- फोटो : इंस्टाग्राम @arshad_warsi
'सर्किट' बनने की कहानी
आखिरकार अरशद का करियर पटरी पर आया और वह तमाम हिट फिल्मों का हिस्सा बने, जिसमें गंभीर और कॉमेडी जैसी दोनों भूमिकाएं शामिल रहीं। हालांकि, अरशद की जिंदगी में असली बदलाव 2003 में आया, जब राजकुमार हिरानी की 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' में उन्हें 'सर्किट' का रोल मिला। मजेदार बात यह है कि अरशद को लगा था कि इस रोल के बाद उनका करियर खत्म हो जाएगा, क्योंकि उन्हें लगता था कि एक हीरो के गैंग के पांच गुंडे में से एक 'सर्किट' को कौन ही याद रखेगा, लेकिन उनका यह रोल ही उनकी पहचान बन गई। सर्किट का किरदार इतना हिट हुआ कि बच्चा-बच्चा उनके डायलॉग्स की नकल करने लगा। इस रोल ने उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी दिलाया।
अरशद वारसी
- फोटो : amar ujala
टीवी इंडस्ट्री में भी अरशद ने बनाया नाम
एक्टर ने अपने करियर के दौरान तमाम अवॉर्ड भी हासिल किए हैं। फिल्मों के साथ-साथ अरशद ने टीवी राजमाताज शो को होस्ट किया है। इसके अलावा करिश्मा कपूर के अपोजिट टीवी शो करिश्मा द मिरेकल ऑफ डेस्टिनी में काम किया है। यहां तक कि टीवी के सबसे पॉपुलर रियलिटी शो बिग बॉस (2006) के सीजन 1 को भी अरशद वारसी ने होस्ट किया है। अरशद ने अपनी डांस स्टूडेंट रही मारिया गोरेट्टी से 14 फरवरी 1999 को शादी की थी। एक्टर के दो बच्चे हैं, जिसमें से एक बेटा है जेके वारसी और बेटी का नाम जेने जोई वारसी है।
अरशद वारसी की आने वाली फिल्में
बता दें अरशद पिछली बार फिल्म जॉली एलएलबी 3 में नजर आए थे। वहीं उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स पर नजर डालें तो वो उनकी झोली में बड़ी फिल्में हैं। एक तरफ वो वेलकम टू द जंगल जैसी कॉमेडी फिल्म कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ शाहरुख खान की एक्शन फिल्म किंग में भी नजर आने वाले हैं।