मशहूर भारतीय संगीतकार ने हाल ही में अपनी पत्नी से तलाक लेने की घोषणा करते हुए सभी को चौंका दिया। 29 साल का लंबा सफर एक साथ तय करने के बाद दोनों ने आपसी रजामंदी से यह फैसला लिया है। इस बीच एआर रहमान गोवा में चल रहे ‘इफ्फी’ महोत्सव में पहुंचे। उन्होंने ‘55वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव’ में अपनी डॉक्यूमेंट्री की विशेष स्क्रीनिंग में भाग लिया। एआर रहमान ने 'हेड हंटिंग टू बीट बॉक्सिंग' के निर्माता हैं। यह प्रोजेक्ट नागालैंड में संगीत के विकास पर आधारित एक म्यूजिकल डॉक्यूमेंट्री है। रहमान ने महोत्सव में अपनी इस परियोजना के बारे में खुलकर बात की।
आगामी परियोजना पर रहमान के विचार
अपने आगामी म्यूजिकल डॉक्यूमेंट्री 'हेड हंटिंग टू बीट बॉक्सिंग' पर बात करते हुए बताया कि यह कहानी काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा, “हेडहंटिंग टू बीटबॉक्सिंग’ एक बहुत ही प्रेरणादायक कहानी है। मैंने वहां जाकर देखा कि क्या हो रहा है..." उन्होंने आगे कहा, "विकास इतना प्रेरणादायक था कि मुझे लगा कि यह एक ऐसी कहानी है जो बहुत लोगों को प्रेरित कर सकती है। ज्यादातर लोग इस नए नागालैंड के बारे में जानते भी नहीं हैं।"
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मेलबर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव में हो चुकी है प्रदर्शित
एआर रहमान की यह डॉक्यूमेंट्री ‘इफ्फी’ से पहले अगस्त में मेलबर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफएम) में प्रदर्शित हो चुकी है। ‘आईएफएफएम’ में फिल्म के प्रीमियर के बारे में अपनी खुशी जाहिर करते हुए रहमान ने कहा था, "यह फिल्म हमारे लिए बहुत खास है, क्योंकि यह नागालैंड के खूबसूरती पर प्रकाश डालती है और इसके समृद्ध सांस्कृतिक और संगीत इतिहास को उजागर करती है।"
क्या है डॉक्यूमेंट्री की कहानी?
एआर रहमान निर्मित यह फिल्म नागालैंड की आकर्षक संगीत यात्रा पर आधारित है, जो संस्कृतियों, जनजातियों और पीढ़ियों में लय और ध्वनि के विकास का पता लगाती है, जो सिर काटने वाली जनजातियों की परंपराओं से शुरू होती है और राज्य के संगीत पुनर्जागरण तक पहुंचती है।
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