अपनी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर न चलने की वजह से हाशिये पर जा चुके अभिनेता अनुराग कश्यप को सुर्खियां बनाना खूब आता है। एक समय वह मुंबई के उभरते फिल्म पत्रकारों के लिए ‘अड्डेबाजी’ का खूब इंतजाम किया करते थे और बदले में उनके फैनबॉय लेखक उन्हें फ्रांसिस फोर्ड कोपोला और मार्टिन स्कॉरसेस के स्तर का फिल्मकार बताया करते। लेकिन, फिर मामला उलट गया।
अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
फिल्मी कैंप्स का विरोध करते करते अनुराग जब उन्हीं कैंप्स की फिल्में बनाने लगे तो उनका आभामंडल ऐसा छितराया कि उनके समर्थक तक उनका साथ छोड़ गए। बिना सोचे समझे बोलने और सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा टिप्पणियां करने की उनकी आदत से एक बार फिर बवाल मचा हुआ है। फिल्म ‘फुले’ के कथानक पर सेंसर बोर्ड की आपत्तियों पर बहस करने के दौरान एक यूजर ने एक जाति विशेष का नाम लेकर उन पर अभद्र टिप्पणी की। अनुराग ने बजाय इसकी संयत प्रतिक्रिया देने के, इसका जवाब ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ और ‘सेक्रेड गेम्स’ के संवादों की तरह दिया।
अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बस इसी के बाद से मामला लगातार बिगड़ता जा रहा है। जिस जातिविशेष पर अनुराग ने निशाना साधा है, उससे जुड़े संगठनों ने शनिवार और रविवार को लगातार इस मुद्दे पर बैठकें की हैं और अनुराग कश्यप के मुंह पर कालिख पोतने जैसा आक्रामक फैसला ले डाला है। यही नहीं, इन संगठनों ने ये भी एलान किया है कि जो कोई भी शख्स अनुराग के चेहरे पर कालिख पोतेगा, उसे एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
अनुराग कश्यप
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
गीतकार मनोज मुंतशिर ने भी अनुराग की उनकी पोस्ट को लेकर जमकर खिंचाई की। इस बीच, जानकारी के मुताबिक मुंबई और कोच्चि में उनके रहने के ठिकानों पर कुछ युवा दल लगातार नजर बनाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश बिजली विभाग में कार्यरत रहे इंजीनियर श्रीप्रकाश सिंह के बेटों अनुराग और अभिनव ने फिल्मों में आने से पहले अपने सरनेम बदलकर कश्यप कर लिए थे। अभिनव ने सलमान खान को लेकर फिल्म ‘दबंग’ और रणबीर कपूर के साथ फिल्म ‘बेशरम’ बनाई। दोनों की बहन अनूभूति ने तीन साल पहले आयुष्मान खुराना के साथ ‘डॉक्टर जी’ से बतौर निर्देशक डेब्यू किया है।