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Anasuya Sengupta: पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है, बोलीं- अपनी जीत से ज्यादा मुझे पायल की जीत पर गर्व है

Fri, 31 May 2024 06:05 PM IST
अंजू बाजपेई एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

भारतीय अभिनेत्री अनसूया सेनगुप्ता को कान फिल्म समारोह में फिल्म द शेमलेस' के लिए अनसर्टेन कैटगिरी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड मिल चुका है। अनसूया ने अपनी इस जीत को पूरे देश की जीत बताया है। साथ ही कहा उन्हें पायल कपाड़िया की जीत पर ज्यादा गर्व है।
 
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अनसूया सेनगुप्ता - फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
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77वें कान फिल्म फेस्टिवल में अन सर्टन रिगार्ड सेगमेंट में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब जीतने वाली अभिनेत्री अनसूया सेनगुप्ता दुनियाभर में मशहूर हो गई हैं। उन्हें फिल्म 'द शेमलेस' में अपने अभिनय के लिए यह अवॉर्ड मिला था। कान फिल्म महोत्सव 2024 में मिली जीत को लेकर अनसूया बेहद खुश है। उन्होंने अपनी इस जीत को सिर्फ अपनी जीत नहीं बल्कि यह तो पूरे देश की जीत बताया है। 37 साल की अनसूया का कहना है कि कान फिल्म समारोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतना किसी व्यक्तिगत ट्रॉफी की तरह नहीं है, बल्कि पूरे देश को उनकी उपलब्धि पर गर्व की अनुभूति होती है। उन्होंने पायल कपाड़िया की जीत को अपनी जीत से बड़ा बताया। 
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मेरी नहीं बल्कि पूरे देश की जीत है
अनसूया को बल्गेरियाई निर्देशक कोंस्टैंटिन बोजानोव की हिंदी फिल्म 'द शेमलेस' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था। एक इंटरव्यू के दौरान अनुसुइया सेनगुप्ता ने कहा, मुझे कुछ भी कहने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन फिर भी मैं इसे लेकर यही कहना चाहूंगी कि यह जीत पूरे देश की जीत है। कान में मिली उपलब्धि सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि इसके लिए तो पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है।  

अपनी जीत से ज्यादा पायल की जीत पर गर्व है
वैसे देखा जाए तो यह साल सिर्फ अनसूया के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए काफी खास रहा है। फिल्ममेकर पायल कपाड़िया को भी ''ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट'' 30 साल में मुख्य प्रतियोगिता में नामांकित होने वाली पहली फिल्म बन गई और कान में ग्रैंड प्रिक्स पुरस्कार जीतने वाली भारत की पहली फिल्म बन गई। इसके अलावा, एफटीआईआई के छात्र चिदानंद एस नाइक की "सनफ्लावर वेयर द फर्स्ट ओन्स टू नो" ने ला सिनेफ प्रतियोगिता में पहला पुरस्कार जीता। उस हिसाब से देखा जाए तो यह भारत के लिए तिहरी उपलब्धि बन गई है। सेनगुप्ता ने कहा "मुझे अपनी जीत से ज्यादा पायल कपाड़िया की जीत पर गर्व है। मैं जानती हूं कि वह और उनकी पूरी टीम मेरे और मेरी टीम के बारे में भी ऐसा ही महसूस करती होंगी। बाकी दुनिया हमें वहां एक साथ, एक-दूसरे का समर्थन करते हुए, अच्छा काम करते हुए, पहचान पाते हुए देखती है, तो मुझे और भी खुशी महसूस होती है।" आगे सेनगुप्ता ने कहा कि जैसे ही "द शेमलेस" की घोषणा हुई, वैसे ही उनके सह-कलाकार तन्मय धनानिया और ओमारा शेट्टी ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था।''
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फिल्म 'द शेमलेस' की कहानी
यह दो महिलाओं की कहानी है। दिल्ली के वेश्यालय में काम कर रही रेणुका की कहानी है जो एक रात एक पुलिसवाले का कत्ल करके फरार हो जाती है। रेणुका उत्तर भारत में वेश्याओं के एक समुदाय में शरण लेती हैं, जहां उनकी मुलाकात देविका से होती है। देविका एक कम उम्र की युवती हैं, जो वेश्या का जीवन जीने को मजबूर हैं। रेणुका और देविका साथ मिलकर कानून और समाज से बचने के लिए एक खतरनाक रास्ते पर निकल पड़ती हैं। उनका मकसद है हमेशा के लिए आजादी पाना। 
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