गोपालकृष्णन ने दिया सुझाव
गोपालकृष्णन ने सुझाव दिया कि सार्थक फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़े अनुदान के बजाय, तीन व्यक्तियों को 50-50 लाख रुपये दिए जा सकते हैं। उनकी इस टिप्पणी पर श्रोताओं में मौजूद कुछ प्रतिनिधियों ने विरोध किया, जिन्हें बाद में मंच पर मौजूद लोगों ने शांत कराया।
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हड़ताल ने संस्थान के विकास को बाधित किया
कोट्टायम स्थित के आर नारायणन राष्ट्रीय दृश्य विज्ञान एवं कला संस्थान में 2022 में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए गोपालकृष्णन ने कहा कि तत्कालीन निदेशक शंकर मोहन के खिलाफ जातिगत भेदभाव के आरोपों से शुरू हुई हड़ताल ने संस्थान के विकास को बाधित कर दिया है।
उन्होंने इसे एक 'भद्दी हड़ताल' बताया, जो ऐसे समय में हुई जब संस्थान देश में सबसे अच्छे संस्थानों में से एक बनने की कगार पर था।