Tanushree Dutta: हाल ही में अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के ‘मी टू’ मामले पर नाना पाटेकर को राहत मिलने वाली खबर को बताया झूठा। कहा, अभी नहीं खतम हुआ उनका केस, फर्जी अफवाहों से बचें। जानिए क्या है पूरा मामला।
अभिनेता नाना पाटेकर पर तनुश्री दत्ता द्वारा ‘मी टू’ आरोप लगाया गया था, जिसको लेकर अभिनेता को राहत मिलने की खबर आई थी। अब अभिनेत्री ने नाना पाटेकर को आरोपों से राहत मिलने वाली खबरों को खारिज किया है। उन्होंने सारी खबरों को फर्जी बताया। साथ ही खुलासा किया कि अभी उनकी शिकायत को लकेर कोई अपडेट नहीं आया है। जानिए पूरी खबर।
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केस में हो चुकी है उनकी जीत
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने हाल ही में एक इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर किया है। इस पोस्ट में एक्ट्रेस ने लिखा कि उनके द्वारा नाना पाटेकर पर लगाए गए आरोप अभी खारिज नहीं हुए हैं। उनका मामला अभी बंद नहीं हुआ है, साथ ही उन्होंने सभी खबरों को अफवाह बताया, जो इस वक्त मीडिया में प्रसारित हो रहे हैं। अभिनेत्री ने लिखा, 2019 में मुंबई पुलिस द्वारा नाना पाटेकर समेत अन्य पर यौन उत्पीड़न शिकायत वाली बी-समरी रिपोर्ट को कोर्ट ने कैंसिल किया है, ना कि उनके द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न आरोपों को। तनुश्री दत्ता ने आगे कहा कि हर साल नाना पाटेकर की पीआर टीम फर्जी अफवाहें फैलाने में लगी रहती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही नाना पाटेकर पर आरोप पत्र दायर किया जाएगा और उन्हें न्याय मिलेगा।
क्या है मामला
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, निर्देशक अब्दुल सामी सिद्दीकी और निर्माता राकेश सारंग पर 2008 में एक डांस सीक्वेंस के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले में इन चारों के खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
कब कराई थी अभिनेत्री ने शिकायत
तनुश्री दत्ता ने अक्तूबर 2018 में यह शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि नाना पाटेकर ने 2008 में 'हॉर्न ओके प्लीज' के एक गाने की शूटिंग के दौरान उन्हें परेशान किया था। पाटेकर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह कोई भी अश्लील या परेशान करने वाला काम नहीं कर सकते। तनुश्री दत्ता ने शिकायत में नाना पाटेकर के साथ गणेश आचार्य, अब्दुल सामी सिद्दीकी और राकेश सारंग का भी नाम लिया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की जिसमें कहा गया कि कोई अपराध साबित नहीं हुआ है। इसके बाद तनुश्री दत्ता ने दिसंबर 2019 में एक विरोध याचिका दायर की, जिसमें आरोपियों के खिलाफ आगे की जांच और कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। अब इस मामले बी-समरी रिपोर्ट को खारिज कर दिया गया है।