महासचिव बी उन्नीकृष्णन के बयानों के बाद दिया इस्तीफा
भाग्यलक्ष्मी का इस्तीफा FEFKA के महासचिव बी उन्नीकृष्णन के हालिया बयानों के बाद आया है। जिन बयानों में उन्होंने कहा था कि दिलीप को तुरंत निष्कासित कर दिया गया था और अगर उन्होंने अनुरोध किया तो उन्हें उतनी ही जल्दी बहाल कर दिया जाएगा। प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी यही बात दोहराई, जिससे इस बात पर चिंता और बढ़ गई कि कैसे पीड़िता की आवाज को दरकिनार किया जा रहा है।
ये संगठन पीड़ितों के साथ नहीं खड़े हैं
भाग्यलक्ष्मी ने कहा कि अगर जिस संगठन को उन्होंने बनाने में मदद की थी, वह अब महिलाओं के साथ खड़ा नहीं है, तो उनके पास पद छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के तीनों संगठनों ने घोषणा की है कि वे पीड़ितों के साथ खड़े नहीं होंगे। वे पैसे और प्रभाव वाले लोगों के साथ खड़े हैं। कहीं न कहीं ये FEFKA के अपने ही नियमों का उल्लंघन है। इन संगठनों में से किसी ने भी पीड़िता से संपर्क तक नहीं किया। इन संगठनों ने दिलीप को कितनी जल्दी वापस लेने का फैसला कर लिया। वे उसे एक पत्र देने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने उससे बात तक नहीं की। उन्होंने उसे रोका तक नहीं और न ही उसे सांत्वना दी। शिकार और शिकारी दोनों के साथ चलते हुए, उन्होंने कितना बेशर्मी भरा रुख अपनाया है। अभिनेत्री ने कहा कि उन्होंने पीड़िता द्वारा वर्षों तक सहे गए दर्द को अपनी आंखों से देखा है।
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2017 के मामले में सेशन कोर्ट ने दी दिलीप को राहत
मलयालम अभिनेता दिलीप 2017 के यौन उत्पीड़न का मामला झेल रहे हैं। हालांकि, उन्हें सेशन कोर्ट ने इस मामले में निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया है। इसी के बाद दिलीप के फिर से बहाल कर दिया गया। लेकिन भाग्यलक्ष्मी FEFKA समेत बाकी संगठनों के इस फैसले से खुश नहीं थीं। इसीलिए अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।