आदित्य धर ने जताई खुशी
बता दें कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार साल 2024 के लिए प्रदान किए जाएंगे। विजेताओं का एलान हो चुका है। 'आर्टिकल 370' को तीन पुरस्कार मिलने पर आदित्य धर गदगद हैं। उन्होंने इस फिल्म का निर्माण किया है। 'धुरंधर' डायरेक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा कर खुशी जताई है और यह वादा किया है कि वे इसी तरह की कहानियां लाते रहेंगे।
बोले- 'शब्दों में बयां करना मुश्किल'
आदित्य धर ने लिखा है, 'फिल्म 'आर्टिकल 370' के लिए तीन नेशनल अवॉर्ड जीतना एक ऐसा पल है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। यह अनुभव मुझे विनम्र और भावुक बनाता है और मेरा दिल गहरे आभार से भर देता है। जब हमने यह फिल्म बनाने का फैसला किया, तो हमारा मकसद अवॉर्ड पाना नहीं था। हम ईमानदारी, हिम्मत और सच्चाई के साथ एक कहानी कहने के पक्के इरादे से प्रेरित थे। यह देखना वाकई बहुत सुखद है कि देश भर के दर्शकों ने इस सफर को पसंद किया और अब इसे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया है।
यामी और प्रियामणि के अभिनय को सराहा
इस शानदार सम्मान के लिए सम्मानित जूरी का और उन सभी लोगों का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने 'आर्टिकल 370' देखी, उसे सपोर्ट किया, उस पर चर्चा की और उसमें भरोसा जताया। आपके प्यार ने इस फिल्म को स्क्रीन से परे एक नई जिंदगी दी। यह सम्मान हमारे बेहतरीन डायरेक्टर, आदित्य सुहास जांभले का है, जिनकी सोच और पक्के इरादे ने हर फ्रेम को आकार दिया। यामी गौतम और प्रियामणि का भी शुक्रिया, जिन्होंने अपनी एक्टिंग में इतनी गहराई, मजबूती और सच्चाई दिखाई। शाश्वत सचदेव का भी धन्यवाद, जिनका संगीत हमारी कहानी कहने की कला की जान बन गया। हमारी कास्ट और क्रू के हर सदस्य का भी शुक्रिया, जिनकी लगातार मेहनत, जुनून और भरोसे ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया'।
बोले- 'ऐसी कहानियां सुनाते रहेंगे'
आदित्य ने आगे लिखा है, 'जियो स्टूडियोज में हमारे पार्टनर्स, खासकर ज्योति देशपांडे का दिल से शुक्रिया, जिन्होंने अटूट भरोसे के साथ इस फिल्म का साथ दिया और सार्थक सिनेमा को बढ़ावा दिया। पुरस्कार मिलना खुशी तो है ही, साथ ही वे आगे की जिम्मेदारी की याद भी दिलाते हैं। यह सम्मान हमारे इस भरोसे को और मजबूत करता है कि ईमानदारी, पक्के इरादे और मकसद के साथ कही गई कहानियां हमेशा अपनी जगह बना ही लेती हैं। यह मंजिल नहीं है। यह एक वादा है कि हम नई सीमाएं तय करते रहेंगे, ऐसी कहानियां सुनाते रहेंगे, जो मायने रखती हैं और ऐसा सिनेमा बनाते रहेंगे जो बातचीत शुरू करे। भावनाओं को जगाए और एक गहरी छाप छोड़े। दिल की गहराइयों से... धन्यवाद। यह सम्मान हम सभी का है। जय हिंद'।