Best Teacher Dialogues From Bollywood Movies: बॉलीवुड में टीचर्स पर ऐसी कई फिल्में बनी हैं, जिनके कुछ डायलॉग आज भी हमारे दिलों में बस गए हैं। आइए नजर डालते हैं कुछ फिल्मों में शिक्षकों के द्वारा कहे गए ऐसे ही डायलॉग्स पर, जिन्होंने हमारे दिलों में जगह बना ली।
बॉलीवुड फिल्मों में टीचर सिर्फ क्लासरूम में पढ़ाते हुए नजर नहीं आए, बल्कि कई बार उन्होंने बच्चों की जिंदगी बदलने का काम भी किया। कुछ फिल्मों के टीचर्स के डायलॉग्स इतने दमदार रहे कि वे फिल्म खत्म होने के बाद भी लोगों के दिलों में बस गए।
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‘तारे जमीन पर’ – आमिर खान
फिल्म में आमिर खान ने आर्ट टीचर राम शंकर निकुंभ का किरदार निभाया था। ईशान के टैलेंट को समझने और उसे आगे बढ़ाने वाले निकुंभ के किरदार ने सभी का दिल जीत लिया।
यादगार लाइन:'हर बच्चा स्पेशल होता है।'
तारे जमीन पर
- फोटो : सोशल मीडिया
‘3 इडियट्स’ – आमिर खान
फिल्म में आमिर खान के किरदार रैंचो ने पढ़ाई और जिंदगी को देखने का एक अलग नजरिया दिया। उनका एक डायलॉग आज भी मोटिवेशन के तौर पर खूब इस्तेमाल किया जाता है।
यादगार लाइन: 'काबिल बनो, कामयाबी झक मार के पीछे आएगी।'
अमिताभ बच्चन
- फोटो : एक्स
‘ब्लैक’ – अमिताभ बच्चन
‘ब्लैक’ में अमिताभ बच्चन ने एक ऐसे टीचर का किरदार निभाया, जो एक नेत्रहीन और मूक लड़की को जिंदगी को समझने और आगे बढ़ने का रास्ता दिखाते हैं। फिल्म में उनका किरदार काफी भावुक और यादगार था।
यादगार लाइन: 'ज्ञान ही एक ऐसी चीज है जो इंसान को आजाद करती है।'
मोहब्बतें
- फोटो : सोशल मीडिया
‘मोहब्बतें’ – अमिताभ बच्चन
‘मोहब्बतें’ में अमिताभ बच्चन ने गुरुकुल के सख्त प्रिंसिपल नारायण शंकर का किरदार निभाया था। उनका अनुशासन और सख्त अंदाज फिल्म की खास पहचान बन गया।
यादगार लाइन:'परंपरा, प्रतिष्ठा और अनुशासन... ये इस गुरुकुल के तीन स्तंभ हैं।'
हिचकी
- फोटो : यूट्यूब
‘हिचकी’ – रानी मुखर्जी
रानी मुखर्जी ने ‘हिचकी’ में नैना माथुर का किरदार निभाया था। टॉरेट सिंड्रोम के बावजूद वह टीचर बनती हैं और अपने स्टूडेंट्स को कभी हार न मानने की सीख देती हैं।
यादगार लाइन:'कमजोरी को अपनी ताकत बनाना सीखो।'
सुपर 30
- फोटो : यूट्यब
‘सुपर 30’ – ऋतिक रोशन
‘सुपर 30’ में ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार का किरदार निभाया था। फिल्म में वह गरीब बच्चों को पढ़ाकर उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए तैयार करते हैं।
यादगार लाइन:'राजा का बेटा राजा नहीं बनेगा, राजा वही बनेगा जो हकदार होगा।'
इकबाल फिल्म
- फोटो : यूट्यूब@ Film City HD
‘इकबाल’ – नसीरुद्दीन शाह
‘इकबाल’ में नसीरुद्दीन शाह ने एक ऐसे कोच का किरदार निभाया, जो एक गूंगे-बधिर लड़के के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में उसका साथ देता है। उनका किरदार बताता है कि सही गुरु मिल जाए तो मुश्किल सपना भी पूरा हो सकता है।
यादगार लाइन: 'सपना देखना आसान है, लेकिन उसे पूरा करने के लिए जुनून चाहिए।'
‘आरक्षण’ – अमिताभ बच्चन
‘आरक्षण’ में अमिताभ बच्चन ने एक आदर्शवादी प्रिंसिपल का किरदार निभाया था। फिल्म में शिक्षा व्यवस्था और टीचर की जिम्मेदारी को लेकर कई गंभीर बातें दिखाई गईं।
यादगार लाइन:'शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं है, ये इंसान बनाने का माध्यम है।'