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सीट का समीकरण: सपा का गढ़ है असमोली, अब तक यहां हुए हर चुनाव में जीती हैं पिंकी, ऐसा है इसका सियासी इतिहास

Fri, 04 Sep 2026 06:35 AM IST
अमन तिवारी इलेक्शन डेस्क, नोएडा

सार

संभल जिले की असमोली विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और साल 2012 में यहां पहला चुनाव हुआ। अब तक हुए तीनों विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी ने यहां जीत दर्ज की है। आइए, इस सीट के बारे में विस्तार से जानते हैं...

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असमोली सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश की भूमिका हमेशा निर्णायक रही है। यहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को लेकर सियासी दल जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। आने वाले चुनाव में जहां भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष सत्ता परिवर्तन की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में हम आपको यूपी की सभी विधानसभा सीटों का इतिहास, राजनीतिक सफर और चुनावी गणित बता रहे हैं। इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे हमारी खास सीरीज 'सीट का समीकरण' में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज चर्चा संभल जिले की असमोली विधानसभा सीट की। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इसका अब तक का इतिहास।
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पहले जानते हैं असमोली विधानसभा सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं। इन 75 जिलों में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इन्हीं जिलों में से एक जिला संभल है। जिले में कुल चार विधानसभा सीटें हैं। इनमें- असमोली, चंदौसी, गुन्नौर और संभल शामिल हैं। सीटों के समीकरण की कड़ी में आज हम असमोली विधानसभा सीट की बात करेंगे। असमोली विधानसभा सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और यहां पहला चुनाव 2012 में हुआ। यहां की पहली विधायक पिंकी सिंह बनी थीं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

असमोली विधानसभा सीट का जातीय समीकरण
असमोली विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में सबसे बड़ी हिस्सेदारी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो लगभग 34% हैं। इसके बाद अनुसूचित जाति (SC) समुदाय की हिस्सेदारी करीब 15% है। वहीं, यादव समाज के मतदाता लगभग 20% और सैनी समुदाय के मतदाता करीब 14% हैं। इसके अलावा जाट मतदाताओं की संख्या लगभग 12% है, जबकि बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों और समुदायों से आते हैं।  

चुनाव का नतीजा - फोटो : अमर उजाला
असमोली विधानसभा सीट पर अब तक तीन चुनाव, तीनों मे सपा ने मारी बाजी
2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में संभल जिले की असमोली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की पिंकी सिंह विजयी हुईं। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अकील उर रहमान खान को 26,389 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सपा की पिंकी सिंह को 73,873 वोट मिले, जबकि बसपा के अकील उर रहमान खान को 47,484 वोट मिले।

चुनाव का नतीजा - फोटो : अमर उजाला
2017: सपा ने दोहराई जीत
वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव में भी असमोली विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) की पिंकी सिंह विजयी हुईं। इस बार उन्होंने भाजपा के नरेंद्र सिंह को 21,126 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सपा की पिंकी यादव को 97,610 वोट मिले, जबकि भाजपा के नरेंद्र सिंह को 76,484 वोट मिले।
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चुनाव का नतीजा - फोटो : अमर उजाला
 सपा और पिंकी ने लगाई जीत की हैट्रिक
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में संभल जिले की असमोली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की पिंकी सिंह विजयी हुईं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हरेंद्र कुमार को 25,206 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में सपा की पिंकी सिंह को 1,11,652 वोट मिले, जबकि भाजपा के हरेंद्र कुमार को 86,446 वोट मिले। बता दें कि यह सीट जब से अस्तित्व में आई है, तब से ही इस पर सपा का कब्जा रहा है।
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