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सीट का समीकरण: इस सीट से जो भी जीता उसकी पार्टी विपक्ष में ही रही, ऐसा है चमरौआ विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास

Tue, 27 Oct 2026 07:36 AM IST
अमन तिवारी इलेक्शन डेस्क, नोएडा

सार

रामपुर जिले की चमरौआ विधानसभा सीट 2012 के विधानसभा चुनाव में अस्तित्व में आई। यहां के पहले चुनाव में बसपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी।
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चमरौआ सीट का समीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर चुनावी मोड में नजर आने लगी है। यहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को लेकर सियासी दल जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। आने वाले चुनाव में जहां भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष सत्ता परिवर्तन की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। उत्तर प्रदेश की इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात रामपुर जिले की चमरौआ विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास।
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पहले जानते हैं चमरौआ विधानसभा सीटों के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले और 403 विधानसभा सीटें हैं। रामपुर जिला पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित है। जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं। इनमें- रामपुर, चमरौआ, बिलासपुर, स्वार और मिलक  शामिल हैं। सीट का समीकरण की कड़ी में आज चमरौआ विधानसभा सीट की बात करेंगे। रामपुर जिले की चमरौआ विधानसभा सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इस सीट पर पहला विधानसभा चुनाव साल 2012 में हुआ था। यहां के पहले चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के अली यूसुफ अली विधायक चुने गए थे।

 

कब-किस पार्टी को मिली जीत? - फोटो : अमर उजाला
चमरौआ विधानसभा सीट का जातीय समीकरण
चमरौआ विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में मुस्लिम और लोधी आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। अगर जातिगत आंकड़ों पर नजर डालें तो क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 56% हैं। इसके बाद लोधी मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 17% है। वहीं सैनी मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 7%, सिख मतदाता लगभग 3% और पाल मतदाता लगभग 2% हैं। इसके अलावा बाकी बचे मतदाता अन्य जातियों और समुदायों से आते हैं।
 

चमरौआ विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
2012: बसपा के अली यूसुफ अली ने दर्ज की जीत
2008 के परिसीमन के बाद चमरौआ विधानसभा सीट के मौजूदा स्वरूप में पहला चुनाव 2012 में हुआ। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के अली यूसुफ अली ने जीत दर्ज की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नसीर अहमद खान को 1,846 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में अली यूसुफ अली को 37,083 वोट मिले, जबकि नसीर अहमद खान को 35,237 वोट प्राप्त हुए। वहीं कांग्रेस के मुती-उर-रहमान खान 28,155 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

 
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2022 का नतीजा - फोटो : अमर उजाला
2017: नसीर अहमद खान ने सपा को दिलाई जीत
इस चुनाव में चमरौआ सीट पर समाजवादी पार्टी के नसीर अहमद खान विजयी हुए। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के अली यूसुफ अली को 34,376 वोटों के बड़े अंतर से हराया। चुनाव में नसीर अहमद खान को 87,400 वोट मिले, जबकि अली यूसुफ अली को 53,024 वोट प्राप्त हुए। वहीं भाजपा के मोहन कुमार लोधी 50,954 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

सपा और नसीर अहमद खान ने दोहराई जीत
2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने नसीर अहमद खान पर फिर भरोसा जताते हुए उन्हें मैदान में उतारा, जहां उन्होंने भाजपा के मोहन कुमार लोधी को 34,290 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। इस चुनाव में नसीर अहमद खान को 1,00,976 वोट मिले, जबकि मोहन कुमार लोधी को 66,686 वोट प्राप्त हुए; वहीं, कांग्रेस के अली युसूफ अली को 18,213 वोट और बसपा के अब्दुल मुस्तफा हुसैन को 10,366 वोट मिले।
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