एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच लोकसभा चुनाव में हुई सीधी टक्कर से गैरभाजपा-गैरकांग्रेस की राजनीति पर ग्रहण लग गया। जिन छह दलों ने भाजपा व कांग्रेस से दूरी बनाई, उनसे मतदाता ही दूर हो गए। पांच दल तो खाता भी नहीं खोल पाए। अकाली दल और एआईएमआईएम बस प्रतीकात्मक उपस्थिति ही दर्ज करा पाए। जबकि वाईएसआरसीपी को 18 सीटों का नुकसान झेलना पड़ा। गौरतलब है कि बसपा, बीआरएस, बीजद, पीडीपी, अन्नाद्रमुक, अकाली दल, एआईयूडीएफ व एआईएमआईएम ने दोनों गठबंधनों से दूरी बना ली थी।
माया, नवीन व केसीआर को झटका
बीते चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाली बसपा, बीजद व बीआरएस के लिए यह चुनाव बुरा सपना साबित हुआ। ये दल खाता खोलने में भी नाकाम रहे। बीते चुनाव में दस सीटें जीतने वाली बसपा, 9 सीटें जीतने वाली बीआरएस और 12 सीटें जीतने वाली बीजद व एक सीट जीतने वाली एआईयूडीएफ चुनाव में खाता भी नहीं खोल पाईं। एआईयूडीएफ के मुखिया बदरुद्दीन अजमल ने तो दस लाख से भी अधिक वोटों से हारकर नया कीर्तिमान बनाया। अन्नाद्रमुक व पीडीपी भी खाता खोलने में असफल रहे।
खाता खुला, मगर ताकत घटी : पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और तेलंगाना में एआईएमआईएम खाता खोलने में तो सफल रहे, मगर बीते चुनाव के मुकाबले इनका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। दोनों दलों ने बीते चुनाव में दो-दो सीटें जीती थीं, इस चुनाव में इन दोनों दलों को महज 1-1 सीट नसीब हुई है।