पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पीएम मोदी की 'भगवान द्वारा भेजे गए' टिप्पणी के लिए निशाना साधा। लेकिन उनका नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि चुनावी हार के डर से भाजपा नेता ऐसी बातें भी कर रहे हैं, जिनका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वे भगवान हैं तो मैं उनके लिए मंदिर बनवाऊंगी।
लोकसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने सामने हैं। अब हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के सुंदरबन क्षेत्र के मथुरापुर में एक चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने दावा किया कि "निश्चित चुनावी हार के डर से भाजपा नेता ऐसी बात कर रहे हैं, जिनका कोई मतलब ही नहीं है।
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “वह अब खुद को भगवान का पुत्र कह रहे हैं। इसका मतलब हमारी तरह उनके जैविक माता-पिता नहीं हैं। कभी वे कहते है कि उन्हें भगवान ने भेजा है। मैं पूछती हूं कि क्या भगवान किसी को दंगे कराने या विज्ञापनों के जरिए झूठ फैलाने या एनआरसी के नाम पर लोगों को जेल भेजने के लिए भेजते है?''
उन्होंने सवाल किया कि क्या भगवान सीएए के नाम पर गुंडागर्दी को प्रायोजित करने या 100 दिन के काम के लिए धन रोकने या फिर ग्रामीण घरों को बनने से रोकने के लिए भगवान अपना दूत भेजते है? क्या भगवान लोगों के बैंक खातों में 15 लाख रुपये जमा करने के अपने वादे से पीछे हट रहे हैं? उन्होंने कहा कि भगवान ऐसी चीजें नहीं कर सकते।
पीएम मोदी ने की थी यह टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने कहा था, “जब तक मेरी मां जीवित थीं, मैं सोचता था कि मैं जैविक रूप से पैदा हुआ हूं। उनके निधन के बाद, जब मैं अपने अनुभवों को देखता हूं, तो मुझे यकीन हो जाता है कि मुझे भगवान ने भेजा था। ये ताकत मेरे शरीर से नहीं है. यह मुझे भगवान ने दी है। इसीलिए भगवान ने मुझे ऐसा करने की योग्यता, शक्ति, पवित्रता और प्रेरणा भी दी है। मैं और कुछ नहीं बल्कि एक उपकरण हूं जिसे भगवान ने भेजा है।''
भगवान जगन्नाथ भी पीएम मोदी के भक्त पर किया तंज
ममता बनर्जी ने भगवान जगन्नाथ को "प्रधानमंत्री का भक्त" बताने वाले भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा की टिप्पणी के लिए भी मोदी का मजाक उड़ाया। हालांकि संबित पात्रा ने बाद में वापस ले लिया था। उन्होंने कहा, "अगर भगवान जगन्नाथ मोदी बाबू के भक्त हैं, जैसा कि उनके कार्यकर्ताओं ने दावा किया है, तो क्या हमें उनके नाम पर एक मंदिर नहीं बनाना चाहिए। उनकी तस्वीर के सामने पूजा और प्रसाद नहीं चढ़ाना चाहिए। उनके लिए एक पुजारी नियुक्त नहीं करना चाहिए? हम वह सब कर सकते हैं, लेकिन वह ऐसी बातें कहकर राजनीति नहीं करनी चाहिए।