चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस को कहा गया था कि वे सशक्त बलों का राजनीतिकरण नहीं करें। इसके बाद पार्टी ने शुक्रवार को कहा कि अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना की आलोचना आदर्श आचार संहिता के अंतर्गत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी चुनाव आयोग का समर्थन ले रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के नेता भाजपा को अग्निपथ योजना के नाम पर निशाना बना रहे हैं। चुनावी रैलियों में कांग्रेस बेरोजगारी से लेकर महंगाई और अग्निपथ योजना योजना की खुलकर आलोचना कर रही है।
बता दें कि सरकार ने तीनों सेवाओं में आयु प्रोफ़ाइल को कम करने के उद्देश्य से कर्मियों की अल्पकालिक भर्ती के लिए जून 2022 में अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की। इस योजना में साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं को चार साल के लिए भर्ती करने का प्रावधान है। जिसमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान है।
कांग्रेस द्वारा इस योजना की लगातार आलोचना के कारण चुनाव आयोग ने कांग्रेस को निर्देश दिए थे कि वे सशस्त्र बलों का राजनीतिकरण न करें। इस बात को लेकर हाल ही में कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के सेवानिवृत्त प्रमुख कर्नल रोहित चौधरी ने मॉडल कोड का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उसमें लिखा है कि "जब अन्य राजनीतिक दलों की आलोचना की जाएगी तो उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और काम तक ही सीमित रहेगी।" उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखा है कि पार्टी के स्टार प्रचारकों को रक्षा बलों के परिचालन मामलों के बारे में बात नहीं करनी चाहिए।
रोहित चौधरी ने कहा, सशस्त्र बल देश की रक्षा में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। कांग्रेस केवल सरकार की नीति के बारे में बात कर रही थी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अग्निपथ जैसी योजना लाकर सेना को कमजोर कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि "हम उस योजना को चुनौती दे रहे हैं जो देश, सेना और सैनिकों के हित में नहीं है।"
उन्होंने पीएम मोदी पर तंज करते हुए कहा कि जब भी मोदी जी मुसीबत में पड़ते हैं, तो वह किसी सहारे की तलाश में रहते हैं। पहले वह रक्षा बलों के पीछे छिपते थे। अब वह चुनाव आयोग का सहारा ले रहे हैं।" उन्होंने दावा किया कि "अगर हमारी सरकार बनी तो अग्निपथ योजना को ख़त्म कर दिया जाएगा।"
सेना में भेदभाव कर रही अग्निपथ योजना
रोहित चौधरी ने आरोप लगाया कि अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना ने सेना में भेदभाव पैदा किया है। यह योजना देश की सुरक्षा को भी कमजोर कर रही है। चुनाव आयोग ने पार्टी से रक्षा बलों का राजनीतिकरण नहीं करने और सशस्त्र बलों की सामाजिक-आर्थिक संरचना के संबंध में संभावित विभाजनकारी बयान नहीं देने को कहा है। आयोग अग्निपथ योजना पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों का जिक्र कर रहा था।