सत्यपाल मलिक 1989 में इस सीट से जनता पार्टी के बैनर तले चुनाव जीते थे। बाद में 1996 में वे इसी सीट पर सपा के बैनर तले चुनाव लड़े, मगर हार गए थे। अब फिर से सपा ने उन्हें यह सीट देने का मन बनाया है।
रालोद का साथ छूटने के बाद समाजवादी पार्टी कांग्रेस को साथ लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटलैंड में संदेश देने के लिए प्रयासरत है। सपा ने पूर्व राज्यपाल और अलीगढ़ से पूर्व में सांसद रहे सत्यपाल मलिक से चुनाव लड़ने की पेशकश की है। पार्टी सूत्र इसकी पुष्टि भी कर रहे हैं। उम्मीद है कि अगर ऐसा होता है तो पूरे पश्चिमी यूपी के जाटों के बीच इस सीट से एक संदेश जाएगा।
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कहने को जिले में सपा का खासा दखल है, जिले में पूर्व में उसके चार-चार विधायक भी जीते हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव में वह दूसरे और तीसरे नंबर की लड़ाई में रहकर पिछड़ जाती है। इस बार पश्चिमी यूपी के जाटों को संदेश देने के इरादे से सत्यपाल मलिक को यह सीट दी जा सकती है।
सत्यपाल मलिक 1989 में इस सीट से जनता पार्टी के बैनर तले चुनाव जीते थे। बाद में 1996 में वे इसी सीट पर सपा के बैनर तले चुनाव लड़े, मगर हार गए थे। अब फिर से सपा ने उन्हें यह सीट देने का मन बनाया है। अब देखना है कि सत्यपाल मलिक का क्या जवाब आता है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि दो से तीन दिन में तस्वीर साफ हो जाएगी।