Samyukta Patil: संयुक्ता का कहना है कि उनके एजेंडे में क्षेत्र का सर्वांगीण विकास, नए उद्योग लाना, पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबे समय से लंबित बागलकोटुदाची रेलवे लाइन को जल्द से जल्द पूरा करना है।
कांग्रेस ने कर्नाटक के बागलकोट में प्रदेश सरकार के मंत्री शिवानंद पाटिल की बेटी युवा वकील संयुक्ता पाटिल को मैदान में उतारा है। 30 वर्ष की संयुक्ता का सीधा मुकाबला चार बार के भाजपा सांसद 72 वर्षीय पीसी गद्दीगौदर से होगा। हालांकि संयुक्ता अपने प्रचार में गद्दीगौदर के खिलाफ काफी मुखर हैं और उनका दावा है कि भाजपा सांसद ने चार बार की सांसदी में भी क्षेत्र की जनता की सुध नहीं ली है। इस बार जनता अपना रुख बदलेगी। विधि स्नातक संयुक्ता क्षेत्र के किसानों की समस्याओं, जल संकट, विकास के मुद्दों पर चुनाव लड़ रही हैं। उनका दावा है कि वह जीतीं तो इन मुद्दों को प्रमुखता से दिल्ली में उठाएंगी और बागलकोट की प्रगति को गति देंगीं। हालांकि पीसी गद्दीगौदार 2004 से बागलकोट सीट से सांसद रहे हैं, लेकिन पहली बार चुनाव लड़ रहीं संयुक्ता अपने सामने एक अनुभवी राजनीतिज्ञ के होने से डर बिल्कुल नहीं रही हैं। संयुक्ता का कहना है कि चुनौती कड़ी है, जिसका मुकाबला वह जोश और उमंग के साथ करेंगी।
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बदलाव के लिए वोट
संयुक्ता का दावा है कि बागलकोट की जनता इस बार बदलाव के लिए वोट करेगी। संयुक्ता कहती हैं कि उनके पिता एक सफल कांग्रेस नेता जरूर हैं लेकिन जनता की मंजूरी के बिना कोई राजनीतिक विरासत नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि उन्हें पिता से मिली एकमात्र सलाह यह है कि जमीन से जुड़े रहें और जिस जनता का वह प्रतिनिधित्व कर रही हैं, उनके सर्वोत्तम हित में उनके साथ काम करें।
सर्वांगीण विकास ही एजेंडा
संयुक्ता कहती हैं कि उनके एजेंडे में क्षेत्र का सर्वांगीण विकास, नए उद्योग लाना, पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लंबे समय से लंबित बागलकोटुदाची रेलवे लाइन को जल्द से जल्द पूरा करना है। वह सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार की शुरू की गई पांच गारंटी योजनाओं पर भी भरोसा कर रही हैं। उन्हें लगता है कि इससे न सिर्फ बागलकोट में बल्कि पूरे राज्य में पार्टी को फायदा होगा
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पार्टी के भीतर विरोध से भी निपटना होगा
संयुक्ता को भाजपा उम्मीदवार के अलावा कांग्रेस के भीतर के विरोध से भी निपटना होगा। हुंगुंड से कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर और उनकी पत्नी व टिकट की चाह रखने वाली वीणा कशप्पनवर के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कशप्पनवर महिला कांग्रेस राज्य इकाई की उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी पार्टी पदों से इस्तीफा देने और संयुक्ता के खिलाफ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ने की धमकी दी है।