महराजगंज में भाजपा से लोकसभा उम्मीदवार को लेकर सियासी चर्चाओं को शनिवार को विराम लग गया। पार्टी हाई कमान की ओर से जारी प्रत्याशियों की सूची में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का नाम लोकसभा महराजगंज से शामिल रहा। पंकज चौधरी का नाम सामने आने के बाद समर्थकों ने भी कहा, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री की मेहनत व निष्ठा को देखा है, इस वजह से फिर से उन्हीं को मैदान में उतारा है।
पंकज चौधरी को पार्षद से लेकर संसद सदस्य तक का अनुभव रहा है। पंकज चौधरी 1991, 1996, 1998, 2004, 2014 में सांसद रह चुके हैं। 2019 में वे छठवीं बार सांसद चुने गए। गोरखपुर में जन्में पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर गोरखपुर नगर निगम से शुरू हुआ था। वह पहली बार 1989-91 में नगर निगम गोरखपुर में पार्षद चुने गए थे। इसके बाद 1990-91 तक वे गोरखपुर नगर निगम में ही उप-महापौर भी रहे।
उसी साल उन्हें यानी 1991 में प्रदेश भाजपा में कार्यकारिणी समिति में सदस्य बनाया गया और लोकसभा के चुनाव में उन्हें टिकट भी मिल गया और वे जीत भी गए। सांसद रहते वे संसद की कई समितियों में रहे। इसके बाद वह 1996 में दोबारा चुनाव जीत गए। इस बार भी उन्हें कई संसदीय समितियों में रहने का मौका मिला। 1998 में मध्यावधि चुनाव हुए और पंकज चौधरी फिर जीत गए।
2004 में वह चौथी बार सांसद बने। लेकिन, लोकसभा चुनावों में लगातार जीत का उनका क्रम 2009 में टूट गया। उन्हें कांग्रेस के हर्षवर्द्धन ने 2009 में हारा दिया। इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहे। 2014 में फिर चुनाव हुए और पार्टी ने पंकज चौधरी का हाथ नहीं छोड़ा। चौधरी इस बार पांचवीं बार सांसद बने। 2019 में वे फिर से सांसद बने। अब मोदी कैबिनेट के पहले विस्तार में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री का पद मिला।
अब तक इन पदों पर काम कर चुके हैं सांसद पंकज चौधरी...
1989-91 सदस्य, नगर निगम, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
1990-91 उप महापौर, नगर निगम, गोरखपुर।
1990- के बाद सदस्य, कार्य समिति, भारतीय जनता पार्टी।
1991- 10वीं लोकसभा के लिए चुने गए। (पहला कार्यकाल)
1991-96 सदस्य, पटल पर रखे गए कागजात संबंधी समिति और सदस्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन संबंधी समिति।
1996- 11वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल)
1998-12वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (तीसरी अवधि)
2004- 14वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (चौथा कार्यकाल)
2014- 16वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (पांचवां अवधि)
2019- 17वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (छठा कार्यकाल)।