तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि विपक्षी गठबंधन (इंडिया) 300 से अधिक लोकसभा सीट जीतकर केंद्र में अगली सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि एकमात्र गारंटी यह है कि भाजपा और नरेंद्र मोदी को तीसरा कार्यकाल नहीं मिलेगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने नदिया जिले के कल्याणी में एक चुनावी रैली के दौरान भाजपा पर संदेशखाली मुद्दे पर झूठ फैलाने और राज्य की महिलाओं की छवि खराब करने का आरोप लगाया। ममता ने चुनावी रैली में कहा कि विपक्षी गठबंधन 295 से 315 के बीच सीट हासिल करेगा, जबकि भाजपा अधिकतम 200 तक ही सीमित रहेगी।
संदेशखालि मुद्दे को लेकर मोदी पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा, भाजपा और प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर झूठ फैला रहे हैं। अब, जब सच्चाई सामने आ रही है। ममता ने कहा कि भाजपा नेता हर चीज में दखल दे रहे हैं, चाहे वह हमारी धार्मिक प्रथाएं हों या खान-पान की आदतें। वे तय करना चाहते हैं कि हमें क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। यह अस्वीकार्य है। बहुत देर तक नहीं चल सकता।
पीएम के लिए खाना बनाने की पेशकश के मुद्दे पर राजनीति गरमाई
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए खाना पकाने की पेशकश की है। अब इस मुद्दे पर बंगाल में राजनीति गरमा गई है। एक तरफ भाजपा ने इसे ममता बनर्जी का राजनीतिक एजेंडा करार दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ सीपीआई (एम) ने इसे लेकर तृणमूल पर निशाना साधा। एक रैली में सीएम ममता ने आरोप लगाया था कि भाजपा अब लोगों के भोजन करने के तरीकों पर भी हस्तक्षेप कर रही है।
तृणमूल प्रमुख ने कहा, मैं बचपन से खाना बना रही हूं और लोग मेरे बनाए भोजन को पसंद करते हैं। लेकिन क्या मोदी मेरे बनाए भोजन को स्वीकार करेंगे? क्या वह मुझ पर भरोसा करेंगे? पीएम मोदी को जो भी भोजन पसंद है, मैं वह बनाऊंगी। ममता बनर्जी ने कहा था कि देशभर में लोग अलग-अलग तरह का खाना पसंद करते हैं। भाजपा को किसी के भोजन से क्यों परेशानी हो रही है।
पीएम को मछली भात खिलाना चाहती हैं ममता : भाजपा
भाजपा नेता तथागत रॉय का कहना है कि ममता बनर्जी अपने हाथ की बनी मछली और चावल पीएम मोदी को खिलाना चाहती हैं। दूसरी ओर, भाजपा नेता शांकुदेब पांडा ने दावा किया कि ममता बनर्जी जान-बूझकर पीएम मोदी को भोजन खिलाना चाहती हैं, जबकि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री विशुद्ध रूप से शाकाहारी हैं।
यह तृणमूल-भाजपा के संभावित समझौते का संकेत : माकपा
माकपा के वरिष्ठ नेता और सांसद विकास भट्टाचार्य ने संदेह जताते हुए कहा कि यह भाजपा और तृणमूल के बीच संभावित समझौते का संकेत हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों ही पार्टियां राजनीति को धर्म से जोड़ रही हैं। इस कारण देश आज ऐसी स्थिति का सामना कर रहा है।